यहां 8 फेरे कर शादी के बंधन में बंधते हैं जोड़े

बुंदेलखंड में सेक्स रेशियो में काफी बड़ा अंतर है। यहां लड़कों के मुकाबले लड़कियां बहुत कम हैं। इस समस्या का हल निकालने के लिए राजधानी भोपाल से लगभग 350 किलोमीटर दूर स्थित छतरपुर जिले के गहोई-वैश समाज ने एक नायाब तरीका निकाला है। इसके लिए इन्होंने शादी के दौरान एक अतिरिक्त फेरा और वचन जोड़ा है।
8 फेरों वाली यह पहली शादी इस साल 12 फरवरी को होगी। शादी करने वाले लड़का और लड़की भी इस शादी से बहुत खुश हैं। लड़का समीर एक प्राइवेट मोबाइल कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर है जबकि लड़की हर्षा एक प्राइवेट कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर है। उनका कहना है कि अपनी कम्युनिटी में लड़कियों को बचाने के लिए इस तरह की शादी का हिस्सा उनके लिए गर्व की बात है।
दोनों परिवारों का कहना है कि हमारे इस प्रयास को धार्मिक मान्यताओं की वजह से कोई बाधा नहीं हुई। लड़कियों को बचाने के लिए शुरु किए गए हमारे इस प्रयास की सबने तारीफ की। अब दोनों परिवारों को 8 फेरे के साथ शादी करने की मान्यता मिल गई है। इस आठवें फेरे में वर और वधु लड़कियों को बचाने का वचन लेंगे।












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