शादी का पंजीकरण नहीं कराया तो बज जायेगी बैंड

दिल्ली कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिज बिल को गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिल गई है। दिल्ली विधानसभा के अगले सत्र में बिल पेश किया जाएगा जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। दिल्ली इस तरह का बिल पास करने वाला पहला राज्य बन जाएगा। माना जा रहा है कि दिल्ली के आसपास के राज्यों में घर से बगावत कर शादी करने वाले प्रेमी जोड़ों के लिए यह बदलाव राहत लेकर आएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसे कानून बनाने की कवायद की गई और सरकार ने अनिवार्य करने वाला बिल ड्राफ्ट किया। काफी समय से यह ड्राफ्ट बिल स्वीकृति के लिए गृह मंत्रालय में था। 8 दिसंबर को दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श भी किया। अब यह फाइल दिल्ली सरकार के पास पहुंच गई है। बिल में यह अनिवार्य नहीं होगा कि रजिस्ट्रेशन के लिए पति-पत्नी रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचे। उनके सगे-संबंधी, परिजन भी रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। साथ ही, वैसे भी लोग रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे, जिनके पास दिल्ली का कोई पहचान पत्र नहीं हैं। हालांकि, इनमें वही लोग शामिल होंगे जिन्होंने दिल्ली में ही शादी की है।
दिल्ली में अभी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादियां कराई जाती हैं। जबकि हिंदू मैरिज एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन किया जाता है। शादी के बाद रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता नहीं है इस कारण से मैरिज रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बहुत कम लोग आते हैं। दिल्ली सरकार हिंदू मैरिज रजिस्ट्रेशन रूल्स 1956 में बदलाव करने जा रही है। इससे दिल्ली में शादी का रजिस्ट्रेशन आसान हो जाएगा। दिल्ली सरकार ऐसा फैसला करने जा रही है, जिससे अगर कोई दिल्ली में शादी करता है तो उसका यहां पर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications