दिल्ली में सफर होगा और आसान, डीटीसी में भी स्मार्ट कार्ड

परिवहन विभाग, डिम्ट्स और डीएमआरसी अधिकारियों के बीच दो बैठकें हो चुकी हैं। कोशिश है कि बस में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन गेट लगाने की बजाय इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) से स्मार्ट कार्ड को जोड़ा जाए।
सूत्रों के अनुसार, डीएमआरसी के पूर्व एमडी डा. ई श्रीधरन ने रिटायरमेंट से एक दिन पूर्व कॉमन स्मार्ट कार्ड, फीडर बसों की संख्या बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को चिट्ठी लिखी थी। श्रीधरन ने सरकार से कहा था कि दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिए बिना सड़क से भीड़ खत्म नहीं की जा सकती। मेट्रो स्टेशन को फीडर बसों से जोड़ें और मेट्रो व बस यात्रियों के लिए कॉमन टिकट या स्मार्ट कार्ड शुरू करने की दिशा में काम करें।
डीएमआरसी कॉमन स्मार्ट कार्ड शुरू करने में सक्षम है। डीएमआरसी की पहल के बावजूद सरकार की तरफ से इस दिशा में काम नहीं हुआ है। डीएमआरसी के डायरेक्टर ऑपरेशन राजकुमार ने बताया कि क्लीयरिंग हाउस बनकर तैयार है।
हमें कॉमन स्मार्ट कार्ड बनाना है। सरकार के स्तर पर दो बैठकें हो चुकी हैं। मेट्रो का कार्ड बसों में किस तरह चलाया जाए, ताकि भीड़ भरी बस में इसके इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा सके, इसका विकल्प ढूंढा जा रहा है। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि परिवहन सचिव आर चंद्रमोहन की अध्यक्षता में पहली बैठक हुई जिसमें डीएमआरसी को कहा गया है कि विकल्प ढूंढें। दूसरी बैठक कनिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई जिसमें ईटीएम पर स्मार्ट कार्ड चलाने की बात रखी गई।
मेट्रो के मुकाबले बस में यात्रियों के चढ़ने उतरने का अलग तरीका है। फिर सभी लोग स्मार्ट कार्ड पर नहीं आ सकते, यह भी सोचना होगा। सरकार ने जो ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन का टेंडर फाइनल किया था उसे ड्राप कर चुकी है। प्रथम चरण में ईटीएम आना है इसलिए उसे जोड़ने की कोशिश है। इसमें खर्च भी कम आएगा। डीएमआरसी ने अभी तक खर्च और सॉफ्टवेयर की रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है।












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