Prasoon Joshi Caste: क्या है प्रसून जोशी की जाति? प्रसार भारती के नए चेयरमैन कौन-सा धर्म करते हैं फॉलो?
Prasoon Joshi Caste: केंद्र सरकार ने मशहूर गीतकार, लेखक और संचार विशेषज्ञ प्रसून जोशी को प्रसार भारती (Prasar Bahrti) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आज यानी 2 मई 2026 (शनिवार) को इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की है। इस नियुक्ति को भारतीय मीडिया और संचार जगत के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है क्योंकि प्रसून जोशी का अनुभव कई क्षेत्रों में फैला हुआ है।
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रसून जोशी को दी बधाई
इस मौके पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रसून जोशी को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रसून जोशी एक दुर्लभ रचनात्मक प्रतिभा के धनी हैं, जिन्होंने साहित्य, विज्ञापन, कला और सिनेमा में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में प्रसार भारती को नई एनर्जी, नई सोच और एक मजबूत रचनात्मक दिशा मिलेगी।

अल्मोड़ा से शुरू हुआ सफर
प्रसून जोशी का जन्म साल 1971 में अल्मोड़ा में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने प्रबंधन और संचार के क्षेत्र में भी अध्ययन किया। छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना उनके संघर्ष और प्रतिभा की कहानी को दर्शाता है।
फिल्मी गीतों से बनाई खास पहचान
प्रसून जोशी ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार गीत दिए हैं। तारे जमीन पर, रंग दे बसंती, भाग मिल्खा भाग, फना, हम तुम और ब्लैक जैसी फिल्मों में उनके लिखे गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उनकी लेखनी में भावनाओं की गहराई, देशभक्ति और सामाजिक सरोकार साफ झलकते हैं, जो उन्हें बाकी गीतकारों से अलग बनाती है।
विज्ञापन जगत में भी दमदार पहचान
फिल्मों के अलावा प्रसून जोशी विज्ञापन की दुनिया में भी एक बड़ा नाम हैं। वह मैक्कैन वर्ल्ड ग्रुप इंडिया के सीईओ रह चुके हैं और कई यादगार कैंपेन का हिस्सा रहे हैं। उनकी रचनात्मक सोच ने ब्रांड कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी नई दिशा दी है।
क्या है प्रसून जोशी की जाति?
-प्रसून जोशी एक मशहूर भारतीय कवि, गीतकार और लेखक हैं, जिनका जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वह मूल रूप से अल्मोड़ा के दन्यां से ताल्लुक रखते हैं और उनके पिता डीके जोशी एक पीसीए (PCS) अफसर थे।
-जोशी (Joshi) भारत और नेपाल में मुख्य रूप से ब्राह्मण समुदाय द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक उपनाम है। ये संस्कृत शब्द 'ज्योतिषी' (Jyotishi) से बना है, जिसका अर्थ है ज्योतिष, खगोल विज्ञान या ग्रह-नक्षत्रों का ज्ञान रखने वाला। ऐतिहासिक रूप से, इस जाति के लोग पूजा-पाठ, कर्मकांड, पंचांग अध्ययन और ज्योतिष परामर्श का कार्य करते हैं।
-जोशी सरनेम वाले लोग देश भर में, विशेषकर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड, कश्मीर (जहां इन्हें 'जुत्शी' कहा जाता है) और नेपाल में पाए जाते हैं। ये मुख्य रूप से एक सवर्ण हिंदू ब्राह्मण उपनाम है, जो मुख्य रूप से सामान्य श्रेणी (General Category) में आते हैं।
कौन सा धर्म मानते हैं प्रसून जोशी?
प्रसून जोशी का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वह हिंदू धर्म का पालन करते हैं लेकिन अपनी रचनाओं में वह विभिन्न संस्कृतियों और आध्यात्मिक विचारों का सम्मान करते हैं। प्रसून जोशी ने सूफी संगीत (जैसे 'ख्वाजा का इशारा' और 'अरजियां') के लिए गीत लिखे हैं, जो उनकी व्यापक आध्यात्मिक सोच को दर्शाता है।
CBFC में निभा चुके हैं अहम भूमिका
साल 2017 में प्रसून जोशी को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का अध्यक्ष बनाया गया था। इस दौरान उन्होंने फिल्म प्रमाणन प्रक्रिया को संतुलित और आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया। उनकी कार्यशैली को इंडस्ट्री में सराहा गया था।
सम्मान और उपलब्धियों से भरा सफर
प्रसून जोशी को उनके रचनात्मक योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें फिल्मफेयर जैसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा वह 2016 से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के ट्रस्टी भी हैं, जहां वह कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं।
नई भूमिका में नई उम्मीदें
प्रसार भारती के अध्यक्ष के रूप में प्रसून जोशी से काफी उम्मीदें जुड़ी हैं। डिजिटल युग में बदलते मीडिया परिदृश्य के बीच उनकी रचनात्मक दृष्टि और अनुभव संस्था को नई दिशा देने में अहम साबित हो सकते हैं। उनकी नियुक्ति को भारतीय मीडिया जगत में एक सकारात्मक और दूरगामी बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।













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