पाकिस्तान में सेना का खेल खत्म: इमरान खान

पाकिस्तान में सही मायने में लोकतंत्र का समय आ चुका है। आप पाकिस्तान में सही मायने में लोकतंत्र देंखेंगे। खान भारत की ओर से आयोजित स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्हें अपनी राजनीतिक सफर में जमात उद दावा जैसे प्रतिबंधित संगठनों को साथ लेने में कुछ गलत नहीं लगा।
मुम्बई में हुए आतंकवादी हमले में लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटे के रूप में काम करने वाले ऐसे आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध को लेकर पूछे जाने पर खान ने अफगानिस्तान में सोवियत संघ के कब्जे के समय तालिबान को अमेरिका से मिलने वाले समर्थन की ओर से ध्यान आकृष्ट किया।
उन्होंने कहा विभिन्न समूह के लोगों को मुख्यधारा में साथ लेने के उद्देश्य से उन्हें साथ लेना गलत है? आपको यह समझना चाहिए कि राजनीति में आपको तरह तरह के लोगों से बात करनी होती है।
यदि मैं आतंकवादियों मुख्यधारा में लाने के लिए बात करता हूं कि तो उसमें कुछ भी गलत नहीं है। खान ने कहा मैं आपको भारत के साथ सबसे अच्छे संबंधों का भरोसा दिलाता हूं और ये चीजें कभी भी इसमें आड़े नहीं आएंगी।












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