लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह को मरणोपरांत मिला अशोक चक्र

खुफिया सूचना मिली थी कि जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से 100 किलोमीटर उत्तर गुरेज सेक्टर में खुंखार आतंकवादी घुसपैठ करने वाले हैं। इस सूचना के बाद सिंह को उन्हें रोकने के लिए मौके पर तैनात किया गया था। पिछले साल 19 अगस्त की रात में आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को सिंह और उनके साथियों ने नाकाम कर दिया, लेकिन 20 अगस्त को वह स्वयं शहीद हो गए थे।
पंजाब के गुरदासपुर में जन्में नवदीप सिंह चेन्नई स्थित आफिसर्स टेनिंग एकेडमी से उन्होंने प्रशिक्षण लिया था और 19 मार्च 2011 को सैन्य अधिकारी के रूप में सेना में शामिल हुए थे। उनकी देश के लिए उनके बलिदान और उनकी बहादुरी को ध्यान में रखकर शांतिकाल के सर्वोच्च सैन्य पुरस्कार से उन्हें मरणोंपरांत सम्मानित किया गया। रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी नरेश विग ने आज यहां एक बयान जारी कर इसकी सूचना दी है।












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