एक्‍स्‍ट्रा मेरिटल अफेयर को बढ़ावा देती 'ओपन मैरेज'

open marriage
रंजना वर्मा
गूगल में सबसे ज्‍यादा सर्च किये जाने वाले शब्‍दों में शुक्रवार को एक शब्‍द आया "ओपन मैरेज"। हमने अरेंज मैरेज, लव मैरेज, कॉन्‍ट्रैक्‍ट मैरेज, इंटरकास्‍ट मैरेज, आदि के बारे में तो सुना था, लेकिन यह ओपन मैरेज किस बला का नाम है, यह जानने की कोशिश की तो कई रोचक तथ्‍य सामने आये। संक्षिप्‍त में कहें तो ओपन मैरेज एक्‍स्‍ट्रा मेरिटल अफेयर को बढ़ावा देने वाली शादी का नाम है।

विस्‍तार से बात करने से पहले सीधे शब्‍दों में इसकी व्‍याख्‍या यही है कि ओपन मैरेज वो शादी होती है, जिसमें पति-पत्‍नी आपसी सहमति से एक दूसरे को अन्‍य व्‍यक्तियों के साथ संबंध बनाने की इजाजत देते हैं।

समय के साथ हर चीज बदलती चाहे वो समाज हो या रिश्ते। यहां पर रिश्‍ते और समाज दोनों बदल गये हैं। हम आए दिन सुनते हैं कि किसी का पति के संबंध किसी अन्‍य महिला के साथ हैं, या फिर किसी की पत्‍नी के संबंध किसी आदमी से। ओपन मैरेज ने इन सीमाओं को तोड़ दिया है। इस बदलते हुए रिश्‍ते में दोनों पति-पत्‍नी सहमति से अन्‍य लोगों से संबंध स्‍थापित करते हैं, जिनमें प्रेम के साथ-साथ शारीरिक संबंध भी शामिल हैं।

अब अगर बदलते समाज की बात करें तो विदेशों में समाज के एक वर्ग ने इसे स्‍वीकार करना शुरू कर दिया है। हालांकि भारत में अभी तक ऐसे मामले सिर्फ तभी सुनाई पड़े हैं, जब किसी एक्‍स्‍ट्रा मेरिटल अफेयर ने अपराध का रूप लिया हो।

पेरिस के मेट्रो स्टेशनों पर तो इस तरह के रिलेशन के लिए विज्ञापन भी दिये जाने लगे हैं, जिसमें साफतौर पर लिखा है कि जो एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर बनाने के इच्छुक हैं वो हमारी वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। अब तक पांच लाख से ज्यादा लोगों ने इसकी मेंबरशिप के लिए अप्लाई किया है।

एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स को हमारे देश में अपराध माना गया है, लेकिन फ्रांस, इटली और स्पेन जैसे दक्षिणी यूरोप के देशों में इन रिश्तों में हर साल 6% की बढ़त होती है। इसमें भी खास बात यह है कि अब सिर्फ पुरुषों ही नहीं बल्कि औरतें भी खुलकर ऐसे रिश्ते बनाने लगी हैं। हमारे देश के कानून में ऐसे रिश्ते अवैध हैं, लेकिन इसके बावजुद ओपन मैरिज कोई नया नहीं है। अनेक पुरुष शादी के अलावा एक या एक से ज्यादा स्त्रियों से संबंध रखते आए हैं। आज भी अनेक ऐसे पुरुष मिल जाएंगे। यहां तक कि ऐसे लोग सार्वजनिक जीवन और राजनीति में भी दिखाई देते हैं।

हमारे यहां इस तरह के रिश्तों के लिए बने कानून पर ध्यान दें तो महिला अपने पति से विवाहेतर संबंध रखने वाली किसी स्त्री के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करा सकती। ऐसे में कानूनी कार्रवाई पति के खिलाफ ही होगी। यदि वो इस झंझट में नहीं पड़ना चाहती है तो वह अपनी नियति मान कर स्वीकार कर ले या पति से तलाक ले ले।

बदलते हुए समय के साथ यह आवाज ज्यादा मुखर हो रही है कि एक्स्ट्रा मैरिटल पर पति पत्नी दोनों के अधिकार समान होने चाहिए। इतना ही नहीं लंबे समय से बहस भी चल रही है कि ऐसे संबंधों को दंडनीय मानना चाहिए या नहीं? लंबे समय से हमारी फैमिली कोर्ट में यह एक गंभीर मुद्दा बन रहा है कि पत्नी के अलावा किसी गैर महिला से फिजिकल रिलेशन बनाने वाले व्यक्ति को सजा दी जाए या नहीं। इसके लिए 2007 में जूडिशरी की ओर से एक कमिटी भी बनाई गई, जिसके चेयरपर्सन आर एन माधवन थे। इस कमिटी ने सिफारिश की कि ऐसे अफेयर्स को क्राइम नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या मानना चाहिए।

खैर अब यह ओपन मैरेज एक्‍स्‍ट्रा मेरिटल अफेयर को क्‍या रूप देगा यह तो समय और कानून ही तय करेगा, लेकिन कही न कहीं यह भारतीय संस्‍कृति के खिलाफ जरूर है। अब आप इस पर क्‍या सोचते हैं? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्‍स में जरूर लिखें।

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