मुलायम ने संभाली कमान, अखिलेश ने तेज किया अभियान
पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने हाल ही में बाराबंकी से चुनाव प्रचार अभियान को हरी झंडी दी। उनकी यहां की चुनावी सभा ने कार्यकर्ताओं में उत्साह जागृत किया। श्री यादव जल्द ही अन्य जिलों में चुनावी सभाओं को सम्बोधित करेंगे। पार्टी मुख्यालय से जल्द ही मुलायम सिंह यादव के चुनावी कार्यक्रम के साथ ही अन्य स्टार प्रचारकों के कार्यक्रमों की तिथि की घोषणा होगी।
इस बार विधानसभा चुनाव में इस बात का ध्यान रखा गया है कि मुलायम सिंह यादव की कम से कम एक जिले में एक सभा जरूर रखी जाए। ताकि पार्टी प्रत्याशियों को उनकी सभाओं का लाभ मिल सके। वैसे सपा मुखिया मजबूत सीटों पर अलग से भी चुनावी सभाओं को सम्बोधित करने पर विचार कर रहे हैं।
चुनाव को ध्यान में रखकर प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव सितम्बर से ही पार्टी के प्रचार में जुटे हैं। वे क्रांतिरथ के साथ यूपी के दौरे पर थे, उनका यह दौरा अब भी जारी है। फर्क इतना है कि ये दौरा चुनावी दौरे में तब्दील हो गया है। मुलायम सिंह यादव के बाद पार्टी प्रत्याशियों ने सबसे ज्यादा सभाओं के लिए अखिलेश यादव का ही समय मांगा है। अखिलेश की सभाओं में जुट रही भीड़ से भी प्रत्याशियों को यह लग रहा है कि मुलायम सिंह यादव के बाद यदि उनके क्षेत्र में अखिलेश यादव की सभाएं लगीं तो इसका उन्हें चुनाव में खासा लाभ हो गया।
यही वजह है कि पार्टी प्रत्याशियों ने नेता जी के बाद सबसे ज्यादा अखिलेश की सभाओं के लिए समय मांगा है। अखिलेश की सभाओं में बढ़ती भीड़ इस बात का संकेत दे रही है कि कार्यकर्ता भी उन्हें उत्तराधिकारी के तौर पर देख रहे हैं। पार्टी युवराज ने युवाओं को जोड़कर चुनावी अभियान को और मजबूती दी है। हालांकि पार्टी में स्टार प्रचारकों के नाम की लंबी फेहरिस्त है। आजम खां से लेकर मोहन सिंह तक स्टार प्रचारकों की सूची में प्रमुख नाम हैं। इनके अलावा अन्य नामों को भी सपा ने स्टार प्रचारकों की सूची में रखा है।
पार्टी ने इस बार फिल्मी सितारों को स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर करके सपा नेताओं को ही इस सूची में रखा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो मुलायम सिंह यादव ने इस चुनाव की कमान पूरी तरह से अखिलेश यादव को ही सौंप दी है। पार्टी के स्टार प्रचारकों में मुलायम सिंह के बाद उनके पुत्र अखिलेश का नाम प्रमुख है। अखिलेश यादव स्टार प्रचारकों की तरह चुनावी सभाओं को सम्बोधित भी कर रहे हैं। उनकी सभाओं में जुट रही भीड़ से भी इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में स्वीकार कर लिया है। वहीं मतदाताओं में भी अब सपा नेता अखिलेश यादव को लेकर एक नयी सोच बनने लगी है।
अखिलेश की रथयात्राओं में जुटी भीड़ को पार्टी अपने लिये अच्छा संकेत मान रही है और मानना है कि अगले एक दो चरण में पार्टी अपनी जड़ों को और मजबूत कर लेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि युवा नेता अखिलेश को चुनावी कमान सौंपने से युवा वर्ग सपा की ओर आकर्षित होगा।













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