सिर्फ ग्लोबल वार्मिंग से नहीं पिघल रहे ग्लेशियर

उन्होंने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि सिर्फ ग्लोगल वार्मिंग के कारण ही यह ग्लेशियर पिघल रहा है या फिर यह कोई एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। उनका मानना है कि इन ग्लेशियरों के पिघलने के पीछे कुछ और भी कारण शामिल हैं। गुप्ता ने कहा कि मैं यह नहीं कहता कि गंगोत्री ग्लेशियर का पिघलना बंद हो चुका है पर इसकी दर में जरूर कमी आई है।
सरकार ने नेशनल एक्शन प्लान फार क्लाइमेट चेंज के अंतर्गत हिमालयी जलवायु के संरक्षण के पहले ही एक राष्ट्रीय मिशन का आगाज़ किया है। गंगा, ब्रह्मपुत्र, यमुना और अन्य कई प्रमुख नदियां हिमालय से ही निकलती हैं। माना जा रहा है कि इस पर्वतश्रृखला के जलवायु में आने वाले किसी भी बदलाव के कारण 1.3 अरब लोगों का जीवन प्रभावित हो सकता है।












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