दिल्ली-आगरा को करीब लाने का सपना मार्च तक टला

आगरा से नोएडा तक 165 किलोमीटर की दूरी 90 मिनट में तय करने का सपना ढाई महीने और टल गया है। यमुना एक्सप्रेस वे आथारिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजीव रौतेला के मुताबिक मार्च से पहले एक्सप्रेस वे का काम पूरा नहीं हो पाएगा। रौतेला के मुताबिक पहले किसान आंदोलन, राजनीति और बाद में कड़ाके की सर्दी के चलते एक्सप्रेस वे का काम लेट हो रहा है। नोएडा से आगरा तक बन रहे एक्सप्रेस में खप्पर-बलदेव इंटरचेंज, आगरा में दो इंटरचेंज अब तक पूरे नहीं हो सके हैं।
प्लांटेशन, लेनिंग बनाने और फ्रेश गार्ड लगाने और फिनिशिंग का काम बाकी है। एक्सप्रेस वे के कुछ रास्तों पर अभी सड़क का काम भी पूरा होना बाकी है। राजीव रौतेला गुरुवार को आगरा से बाजना तक एक्सप्रेस वे का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद दूसरे चरण में बाजना से अलीगढ़ और तीसरे चरण में अलीगढ़ से नोएडा तक एक्सप्रेस वे का निरीक्षण होगा। यमुना एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने पर आगरा से नोएडा तक 165
किलोमीटर की दूरी 90 मिनट में पूरी हो जाएगी।
रौतेला ने बताया कि एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद तीन महीने तक आम जनता से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। कंपनी का जून 2013 तक बनाने का लक्ष्य था। बाद में कंपनी ने इसे रिकार्ड समय में बनाने की घोषणा कर दी। पहले 15 दिसंबर को इसकी शुरुआत करने की योजना थी, जो संभव नहीं हो सका। इसे बाद में एक महीने और टाल दिया गया था।
इससे पहले दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘यमुना एक्सप्रेसव’ के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण को चुनौती देनेवाली याचिकाएं निरस्त करते हुए इस परियोजना के रास्ते की बाधा दूर कर दीं।न्यायमूर्ति वी. एस. सिरपुरकर एवं न्यायमूर्ति सिरीयक जोसेफ की खंडपीठ ने भूमि अधिग्रहण नीति से प्रभावित कुछ किसानों की अपील खारिज कर दी। अपीलकर्ताओं ने मायावती सरकार की भू-अधिग्रहण नीति को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी।












Click it and Unblock the Notifications