किसकी हिम्मत जो हमे रोके: चीनी दूत

दोनों देश आपसी संबंधों को संभालना जानते हैं। चीन-भारत संबंध पर उन्होंने यहां कहा कि मैं रेखांकित करना चाहूंगा कि चीन और भारत को निकट आते देख और साथ फलता-फूलता देख हर देश खुश नहीं है। कुछ तो दरार पैदा करने की कोशिश में है। उन्होंने कहा कि मैं एक बार फिर से कहना चाहूंगा कि चीन और भारत अपरिवतर्नीय ऐतिहासिक प्रवृति के बावजूद साथ आगे बढ रहा है जिसे दुनिया की कोई भी ताकत रोक नहीं सकती है।
इसी तरह के विचार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने भी व्यक्त किये जब उन्होंने कहा कि जो विशेषज्ञ चीन और भारत को प्रतिद्धन्दी देश की तरह देखते हैं वह दोनों देशों के नेताओं के विवेक की अनदेखी करते हैं जो लगातार यह सुनिश्चित करने के लिये लगातार काम करते रहे हैं कि समस्याओं को परिपक्व ढंग से व्यवस्थित कर लिया जायेगा।












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