हक्कानी को सता रहा है मारे जाने का डर

मुझे डर है कि मेरे दिवंगत मित्र पंजाब के पूर्व गवर्नर सलमान तासीर की तरह मेरी हत्या न कर दी जाए। माना जा रहा है कि हक्कानी का इशारा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की ओर है। पिछले साल गोपनीय पत्र विवाद सामने आने के बाद हक्कानी को राजदूत पद से हटा दिया गया था। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी व्यवसायी मंसूर एजाज ने दावा किया था कि हक्कानी ने उनसे राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के एक गोपनीय पत्र को अमेरिकी सरकार तक पहुंचाने के लिए संपर्क किया था।
एजाज का कहना था कि एबटाबाद में अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद जरदारी को डर था कि पाकिस्तान की सेना सत्ता अपने हाथ में ले सकती है। जरदारी ने इसी डर से पत्र के जरिये अमेरिका से मदद मांगी थी। बाद में हालांकि हक्कानी और जरदारी दोनों ने ही एजाज के दावे का खंडन किया था। अखबार के मुताबिक हक्कानी ने हत्या के डर से ही प्रधानमंत्री आवास में शरण ले रखी है। उन्हें आशंका है कि आईएसआई गोपनीय पत्र विवाद में उन्हें गलत बयान देने पर मजबूर कर सकती है।












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