चचेरा भाई निकला भाई-बहन का हत्यारा

जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार रात पुलिस को सूचना मिली कि रंजीत नगर में भाई-बहन की हत्या कर दी गई है। फोन बच्चों के पिता अजय अरोड़ा किया था। उनका करोलबाग में होटल है। अजय पहली मंजिल पर रहते हैं। कमरे में विशाल और शिवानी खून से लथपथ पड़े थे। पुलिस ने दोनों को पास के अस्पताल में पहुंचाया जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने पाया कि घर में प्रवेश के दौरान किसी तरह की जोर जबरदस्ती नहीं की गई है। साथ ही, अलमारी खुली थी और सामान बिखरा पड़ा था। पुलिस को पता चला कि अजय के बड़े भाई सुधीर कुमार दूसरी मंजिल पर रहते हैं जो पत्नी और बेटे सन्नी के साथ हिमाचल प्रदेश गए हुए हैं। जबकि उनका छोटा बेटा यहीं है। उसकी करोलबाग में कार के कलपुर्जे की दुकान है। उस समय वह घर पर मौजूद नहीं था और उसका फोन भी स्विच ऑफ था।
वारदात के काफी देर बाद सुधीर कुमार भी परिवार समेत आ गए। सुधीर से पता चला कि गौरव पिता और चाचा के बीच हुए पुश्तैनी बंटवारे से खुश नहीं था जिससे पुलिस को गौरव पर शक हुआ। मंगलवार तड़के पुलिस ने गौरव को एक गुरुद्वारे से दबोच लिया। गौरव ने बताया कि चाचा से बदला लेने के लिए उसने वारदात को अंजाम दिया।
भाई-बहनों की हत्या गोली मारकर करने के बावजूद आसपास के लोगों को यह आश्चर्य हो रहा था कि आखिर गोली की आवाज क्यों नहीं सुनाई दी गई। इसका खुलासा गौरव के पकड़े जाने के बाद हुआ। पुलिस को उसके पास से एक तौलिया मिला है जिसमें दो छेद है। पिस्टल की आवाज कम करने के लिए उसने पिस्टल की नली पर तौलिया रख दिया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसके पास से बरामद पिस्टल को उसने नेपाल बॉर्डर के पास रहने वाले एक व्यक्ति से 45 हजार में दो साल पहले खरीदा था। यह पिस्टल 9 एमएम देशी मेक है। दोहरे हत्याकांड के आरोपी गौरव को वारदात का आइडिया इंग्लिश मूवी से मिला था। करीब तीन माह पहले उसने फिल्म में देखा कि तौलिया में रखकर पिस्टल चलाई जाए तो आवाज नहीं आती है।
गौरव ने पिस्टल दो साल पहले खरीद ली थी। मध्य जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने शराब के नशे में वारदात को अंजाम दिया था। उसने सोमवार दोपहर से ही शराब पीना शुरू कर दिया था। टोह लेने के लिए वह शाम के समय चाचा के घर में गया था। इसके बाद वह चाची के होटल जाने का इंतजार कर रहा था। वारदात को अंजाम देने के लिए उसने तौलिया और ज्वैलरी अलग-अलग जगह फेंक दी थी। इसके बाद वह पैदल ही गुरुद्वारे पहुंच गया। इस समय उसने पिस्टल कमर में लगा रखी थी। गुरुद्वारे जाते हुए उसने देव नगर में पेंट धोई थी। पुलिस आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश करेगी।
पुलिस पूछताछ में गौरव ने खुलासा किया है कि चाची के जाने के बाद वह पिछले दरवाजे से घर के अंदर घुसा था। घर में विशाल और शिवानी थे। उसने उन दोनों से करीब 15 मिनट तक बात करने के बाद पहले विशाल के सिर की पिछली साइड गोली मारी। गोली चलने के बाद जैसे ही शिवानी आई तो उसने उसकी नाक के पास पिस्टल सटाकर गोली चला दी। दोनों की हत्या करने के बाद वह उसने अलमारी खोलकर जेवरात निकाल लिए और रुपये व मोबाइल को इधर-उधर बिखराकर गौरव के दादा की मौत सितंबर में हुई थी।
उन्होंने पहली मंजिल अजय के नाम कर दी थी। जबकि बड़े बेटे सुधीर को दूसरी मंजिल दी थी, जबकि भूतल पर खुद रहते थे। मार्च में उन्होंने एक वसीयत बनाई जिसमें भूतल को विशाल की मां रजनी के नाम कर दिया था। मई में इसकी जानकारी गौरव के परिवार वालों को हुई तो इसे लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बावजूद वसीयत होने से भूतल का हिस्सा रजनी के नाम हो गया। इससे गौरव तनाव में रहने लगा।












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