हिन्दू राष्ट्र में ही मिल सकता है धर्म के आधार पर आरक्षण: उमा भारती

उन्होंने कहा कि मजहब के आधार पर आरक्षण नहीं होना चाहिए। सुश्री भारती ने कहा कि जब तक देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित न किया जाए तब तक धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा इसके विरोध में संसद से सड़क तक संघर्ष करेगी।
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती और भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने संयुक्त रूप से कहा कि कालेधन और लोकपाल के मसले पर कांग्रेस घबरायी हुई है और इससे ध्यान हटाने के लिए मुस्लिम आरक्षण लागू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि जनता व विपक्षी पार्टियों का ध्यान जन लोकपाल व काले धन की वापसी की मांग से हट जाए और वह अपने मंसूबों का पूरा कर ले। इसी के चलते उसने यह नया पैंतरा चला है।
सुश्री भारती ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देश के दूसरे बंटवारे की नींव डालेगा इसलिए मजहब के आधार पर आरक्षण नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का पहला बंटवारा कांग्रेस की सहमति से हुआ था जिसका हर्जाना देश आज तक भुगत रहा है और अब कांग्रेस दूसरे बंटवारे की साजिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उन्हें दुख है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर छोटे और घिनौने लक्ष्य को पाने के लिए पिछड़े मुसलमानों को साढ़े चार प्रतिशत आरक्षण देने जा रही है। सुश्री भारती का तर्क है कि इस्लाम और इसाई धर्म में जाति व्यवस्था नहीं है इसलिए मुसलमानों को यह आरक्षण स्वीकार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल हिन्दू समाज में ही जातिय व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन ङ्क्षसह को स्पष्ट करना होगा कि धर्म आधारित आरक्षण देकर क्या वे देश को हिन्दू राष्ट्र की ओर ले जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि जब तक देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित नहीं किया जाता तब तक धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी संघर्ष होगा। उन्होंने कहा कि इस आरक्षण से कांग्रेस और मुसलमानों को कोई फायदा नहीं होगा लेकिन देश का नुकसान जरूर होगा। प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि इसके खिलाफ आगामी 27 दिसम्बर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा।












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