लोकपाल में अल्पसंख्यक आरक्षण पर सबसे ज्यादा बवाल

लोकपाल में अल्पसंख्यक आरक्षण के मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। इसके अलावा राज्यों में लोकायुक्त की व्यवस्था को अनिवार्य बनाने, पीएम को लोकपाल में रखने और लोकपाल को जरूरत से ज्यादा ताकत देने का विरोध किया जा रहा था। इन सभी मामलों पर विरोध जताने के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी राय रखी।
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने पीएम को लोकपाल बिल के दायरे में लाए जाने का विरोध किया। उन्होंने हालांकि लोकपाल बिल में अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिए जाने के सरकार के फैसले का समर्थन किया। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव लोकपाल को ज्यादा ताकत दिए जाने के विरोध में दिखे। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिए जाने का विरोध किया।
शिव सेना और बसपा लोकपाल में आरक्षण दिए जाने का समर्थन कर रही है। अब देखना है कि जब 27 दिसंबर से लोकपाल बिल पर चर्चा शुरू होगी तो यह कितनी कारगर होती है। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी अगर पूरी तरह से विरोध में आ गई तो इस बिल का संसद के निचले सदन से ही पास हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है।












Click it and Unblock the Notifications