'मैं पापा के साथ फुटबाल खेलना चाहता हूं'

तीस हजारी अदालत स्थित गार्जियन जज गौतम मनन ने जब आठ वर्षीय सुनील (परिवर्तित नाम) को अपने चैंबर में बुलाकर बात की तो पिता के प्रति उसका प्यारा सामने आया। पिता को अदालत ने बच्चे से सशर्त मिलने की इजाजत दे दी। गर्मी के छुट्टी के दौरान दस दिनों तक बच्चे से मिल सकते हैं। दुर्गा पूजा की छुट्टी में दो दिन और सर्दी की छुट्टी में तीन दिन मिल सकते हैं।
मिलने का समय सुबह दस से शाम के पांच बजे तक का रखा गया है। अदालत ने मां को निर्देश दिया गया है कि बच्चे की छुट्टी होने के तीन दिन पहले पिता को सूचित करना होगा। इसके अलावा अदालत ने पिता को बच्चे से जुड़े रहने केलिए सप्ताह में एक बार फोन पर बात करने के भी आदेश दिए हैं। जबकि अदालत ने कहा कि यदि बच्चा चाहे तब पिता सप्ताह में एक बार से अधिक भी फोन परबातचीत कर सकता है।
यदि बच्चा किसी रात को पिता के साथ रुकना चाहता है तब मां की इजाजत के बाद रुक सकता है। बच्चे को साथ रखने के दौरान पिता को इस
बात का ध्यान रखने के लिए कहा गया कि बच्चे की पढ़ाई पर असर न पड़े और होमवर्क आदि का भी ध्यान दिया जाए।
विकास पुरी निवासी की रोहन (परिवर्तित नाम) की शादी महक (परिवर्तित नाम) से 11 मार्च-2001 को हुई थी। शादी के दो वर्ष बाद 10 फरवरी-03 को राहुल का जन्म हुआ। इससे महक को अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी थी। बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद वह दुबारा नौकरी करना चाहती थी, लेकिन घरवाले बच्चे की कम उम्र का हवाला देकर कुछ समय तक नौकरी करने से मना कर रहे थे। इस दौरान दादी की खराब तबियत का हवाला देकर महक मायके चली गई।
दो माह बाद वह दोबारा पिता व रिश्तेदार के साथ ससुराल आई और जबरन सुनील को सितंबर-2004 को साथ ले गई। इसके बाद से बच्चा मां के साथ रह रहा था।












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