बाहुबली बसपा सांसद के खिलाफ लगा गैंगेस्टर

कोई भी व्यक्ति चाहे वह आम आदमी हो या फिर अपराधी सरकार से ऊपर नहीं हो सकता। सरकार जब तक चाहेगी अपराधी खुली हवा में सांस ले सकता है और जैसे ही सरकार नजरें फेरती है पुलिस सक्रिय होकर पलक झपकते ही उसे सलाखों के पीछे पहुंचा देती है। प्रदेश में जौनपुर के केराकत इलाके में हुये दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार बहुजन समाज पार्टी के सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ कुछ ऐसा ही हुआ।
धनंजय को दो दिन पूर्व ही हत्या के आरोप में जौनपुर पुलिस ने राजधानी स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया और गुरूवार को उन पर गैंगेस्टर लगा दिया गया। ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व राजधानी में हुए तीन चिकित्साधिकारियों के बाद उन पर उंगली उठी तो सरकार ने उन्हें क्लीन चिट देकर पूछताछ के दायरे से भी दूर रखा था। इसी बीच शासन स्तर पर कुछ समीकरण बदले तो बसपा सुप्रीमों ने अपने ही सांसद से नजरे घुमा ली।
बसपा सुप्रीमों का इशारा मिलना था कि पुलिस अधिकारी पुरानी फाइलों की धूल साफ करने लगे और एक एककर पुराने मामले खोल दिए गए। इसके बाद पुलिस ने धनंजय पर शिकंजा कसते हुए उसे लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पहली ही पेशी में धनंजय सिंह को 23 तारीख तक के लिए पुलिस रिमाण्ड में भेज दिया गया। अब पुलिस धनंजय को चारों ओर से घेरने का प्रयास कर रही है। नया मामला खोलते हुए पुलिस ने सांसद के साथ उनके चार अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी गैंगेस्टर लगा दिया है।
सांसद के सहयोगियों में आशुतोष, पुनीत, डब्बू और संदीप हैं जो फिलहाल फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। ज्ञात हो कि केराकत इलाके के बेलवा गांव में एक अप्रैल 2010 को टोल टैक्स वसूली के विवाद को लेकर संजय निषाद और नंदलाल की हत्या कर दी गयी थी।












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