सपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए मुस्लिम नेता रशीद मसूद

ज्ञात हो कि श्री मसूद ने रविवार को राज्यसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देकर कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की थी। श्री मसूद ने अपना इस्तीफा सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को सौंप दिया। तथा राज्यसभा की सदस्यता से त्यागपत्र भी सभापति को भेज दिया है। सूत्रों के अनुसार सपा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के सलाहकार माने वाले वाले मुलायम सिंह के करीबी मित्र आजम खां के सपा में शामिल होने के बाद श्री मसूद खुद को अलग थलग महसूस कर रहे श्री मसूद ने कहा कि सपा अपनी नीतियों से हट गयी है।
सपा विधायक और श्री मसूद के भतीजे इमरान मसूद ने भी पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है। खबर है कि सपा विधायक इमरान मसूद भी कांग्रेस में शामिल होंगे। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि श्री मसूद को प्रदेश कार्यसमिति में तथा केन्द्र सरकार के किसी संगठन में अध्यक्ष का पद देकर कैबिनेट मंत्री का भी दर्जा दिया जा सकता है।
कांग्रेसी नेता का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पार्टी के पास कोई ऐसा मुस्लिम नेता नहीं है जिसकी समुदाय में गहरी पैठ हो लेकिन मसूद के आने के बाद यह कमीं पूरी हो गयी है। श्री मसूद ने कहा कि सपा से इस्तीफा देने के बाद उसी पार्टी से राज्यसभा सदस्य बना रहूं यह मेरे सिद्धांत के खिलाफ है। वह जल्द ही उच्च सदन की सदयता से भी इस्तीफा दे देंगे। उन्होंनें कहा कि धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करने के लिये वह कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। श्री मसूद का कहना है कि अति पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण में मुसलमानों को अलग से कोटा दिये जाने के निर्णय से सपा पहले ही पलट चुकी है।
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को लिखे पत्र में श्री मसूद ने यह भी आरोप लगाया है कि सपा में वापस आने के बाद आजम खां ने पार्टी पर कब्जा कर लिया है और पार्टी के अध्यक्ष व प्रदेश के पद पर कहने को तो मुलायम ङ्क्षसह यादव और प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं लेकिन वास्तव में सभी फैसले आजम खां ही लेते हैं जो बेहतर नहीं है। श्री मसूद ने कहा कि उनके भतीजे इमरान भी कांग्रेस के टिकट पर ही विधानसभा का आगामी चुनाव लडेंगे। सहारनपुर की सात विधानसभा सीटों पर वह अपने पसन्द का प्रत्याशी उतारेंगे।












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