मां-बाप ही बने बेटी की इज्जत के दुश्मन

पुलिस मामले की जांच कर रही है। सामान्य अस्पताल में उपचाराधीन 19 वर्षीय एक छात्रा ने बताया कि वह शहर के ही एक शिक्षण संस्थान में बीबीए की छात्रा है। उसके मां-बाप ज्यादातर गुजरात ही रहते हैं और वैसे उनका मकान खैरपुर में ही है। लेकिन वह इसी शिक्षण संस्थान के गल्र्स होस्टल में रहती है। सर्दियों के कारण वह कल अपने घर में गर्म कपड़े लेने गई थी। लेकिन जब घर पहुंची तो वहां उसके मां-बाप व परिवार के अन्य लोग मिले। इन लोगों को देखकर वह एकबारगी तो घबरा गई थी मगर जब उसने कमरे से अपने गर्म कपड़े उठा लिए तब उसकी मां और बाप ने उसे पकड़ लिया। इन लोगों ने कहा कि वह सिरसा छोड़ कर उनके साथ चले।
दरअसल ये लोग उसे वहां वेश्यावृति कराने के लिए ले जाना चाहते हैं। उस पर पहले भी ऐसा ही दबाव बनाया गया था मगर तब भी उसने ऐसा करने से मना कर दिया और अब भी जब वह नहीं मानी तब सभी ने मिलकर उसे एक कमरे में बंद कर दिया और डराने धमकाने लगे। छात्रा के अनुसार वह अनेक दफा अपने मां-बाप, भाई व अन्य सगे संबंधियों से विनती करती रही कि उससे ऐसा मत कराओ लेकिन वे सभी लोग अपनी जिद्द पर अड़े रहे। यही नहीं इन लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। वह हर जुल्म सहती हुई ना बोलती रही तब सभी ने उसे फांसी पर लटकाने का प्रयास किया और उसका गला भी घोंट दिया। वह रो रो कर विरोध करती रही मगर उसके घरवाले ही उसकी इज्जत को निलाम करने पर तुले रहे।
इसी बीच उसके पड़ोसी ने जब दरवाजा खटखटाया तब घरवाले शांत हुए और दरवाजा खोला तो वह मौका पाकर वहां से भाग निकली। गली में चीखती चिल्लाती हुई भाग रही थी तब उसकी गली में रहने वाली एक महिला ने उसे पकड़ा और वह अपने घर ले आई। आपबीती बताने के बाद यह महिला ही उसे अस्पताल में लेकर आई। छात्रा ने यह भी कहा कि उसके मां-बाप गुजरात में खेतीबाड़ी के साथ साथ गलत काम करते हैं और यह लोग उसे भी वैसा ही बनाना चाहते हैं जबकि वह इनसे कोई संबंध नहीं रखना चाहती। इस छात्रा ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे इन लोगों के जाल से बचाया जाए और इन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इस संदर्भ में जब खैरपुर पुलिस चौकी से संपर्क किया गया तो चौकी प्रभारी राजकुमार ने बताया कि पुलिस के पास अभी रूक्का आया है और पुलिस बयान लेने के बाद ही आगामी कार्रवाई करेगी।












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