टीम अन्ना ने खारिज किया संसद की सिफारिश

इसके उलट, इससे हमारे यहां मौजूदा भ्रष्टाचार विरोधी व्यवस्था के भी खत्म होने की आशंका है। स्थायी समिति की ओर से सीबीआई को तीन हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव दिए जाने का दावा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि इस कदम से यह जांच एजेंसी अपंग हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को मजबूत करने की बजाय वे लोग अन्ना आंदोलन का बहाना लेकर बची खुची चीजों को भी कमजोर करते दिखाई पड़ रहे हैं।
यह पूछे जाने पर कि अन्ना हजारे अपना प्रस्तावित अनशन करेंगे तो केजरीवाल ने कहा कि इस बारे में गांधीवादी नेता को फैसला करना है। उन्होंने कहा कि जहां तक अनशन का सवाल है, इस बारे में अन्ना ही फैसला करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि फिलहाल मैं इतना कह सकता हूं कि हम आखिरी दम तक एक सशक्त लोकपाल को लेकर प्रतिबद्ध हैं।












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