सीबीआई को जरूर आना चाहिए लोकपाल के दायरे में: किरण बेदी

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री से ज्यादा, सीबीआई का होना लोकपाल को प्रभावी बनाएगा। हमें भटकना नहीं चाहिए। एकजुट विपक्ष इस झांसे को सामने ला सकता है। उन्होंने कहा, लोकपाल के तहत सीबीआई के होने का मतलब सभी भ्रष्टाचारों का खुलासा, कई लोग की शर्मिंदगी और कई गढ़ी छवियों का टूटना होगा। क्या वे खुद के खिलाफ मतदान करेंगे ? बेदी ने कहा कि ऐसा समझा जाता है कि लोकपाल को सीबीआई के सरकारी नियंत्राण को अपने हाथों में लेना था।
प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में रखने के सवाल पर संसद की स्थायी समिति के तीन विकल्प देने और मुद्दे के अंतिम हल को संसद पर छोड़ देने के आलोक में बेदी का यह बयान आया है। टीम अन्ना नौकरशाही के निचले पायदानों को लोकपाल के दायरे में लाने, केंद्रीय कानून से लोकायुक्तों के गठन और कानून में सिटीजन चार्टर लाने पर जोर देती रही है।












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