कौन हैं Prasoon Joshi, जो बनें प्रसार भारती के नए चेयरमैन? भारतीय संस्कृति और म्यूजिक से जुड़ा है ऐसा कनेक्शन
Prasoon Joshi: देश के जाने-माने गीतकार, लेखक और संचार विशेषज्ञ प्रसून जोशी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। खबर है कि प्रसून जोशी को प्रसार भारती बोर्ड का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। साहित्य, विज्ञापन, सिनेमा और जनसंचार जैसे विविध क्षेत्रों में उनके व्यापक योगदान को देखते हुए ये नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है।
प्रसार भारती के नए चेयरमैन बने प्रसून जोशी
आपको बता दें कि ये फैसला ऐसे समय में आया है जब भारतीय मीडिया परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और एक मजबूत, दूरदर्शी नेतृत्व की जरूरत महसूस की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भारतीय मीडिया के बदलते स्वरूप को देखते हुए ही प्रसून जोशी को प्रसार भारती बोर्ड का नया चेयरमैन बनाया गया है।

रचनात्मकता से भरी रही है प्रसून जोशी की जिंदगी
-प्रसून जोशी का करियर केवल फिल्मी गीतों तक सीमित नहीं रहा है बल्कि उन्होंने विज्ञापन और सामाजिक अभियानों के जरिए भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी लेखनी में भारतीय संस्कृति, परंपरा और भावनाओं की गहरी झलक देखने को मिलती है।
-प्रसून जोशी के लिखे गीत और कैंपेन न केवल लोकप्रिय हुए बल्कि उन्होंने समाज के अलग-अलग वर्गों से एक मजबूत जुड़ाव भी स्थापित किया है। यही वजह है कि उन्हें समकालीन भारतीय मीडिया नैरेटिव को दिशा देने वाले प्रमुख रचनाकारों में गिना जाता है।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाले हैं प्रसून जोशी
प्रसून जोशी का जन्म 16 सितंबर 1971 को अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में हुआ था। प्रसून जोशी ने अपने प्रारंभिक वर्ष उत्तर भारतीय राज्य उत्तराखंड (तब उत्तर प्रदेश का हिस्सा ) में बिताए थे। उनके पिता, डी.के. जोशी, राज्य की शिक्षा सेवा के अतिरिक्त निदेशक थे। उनकी मां सुषमा जोशी, राजनीति विज्ञान की जानकार थीं, जिन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक ऑल इंडिया रेडियो के लिए काम किया। प्रसून जोशी के माता-पिता शास्त्रीय गायक भी हैं।
प्रसून जोशी की पढ़ाई और करियर
-प्रसून जोशी ने भौतिकी (Physics) में बीएससी और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। इके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी से एमबीए की पढ़ाई करने का फैसला किया। एमबीए की पढ़ाई करने के दौरान ही उन्होंने संस्कृति और कला के प्रति अपने प्रेम को देखते हुए विज्ञापन में अपना करियर बनाने का फैसला किया।
-प्रसून जोशी ने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली में ओगिल्वी एंड मैथर से की। महज 10 साल में उन्हें मुंबई कार्यालय का कार्यकारी क्रिएटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। साल 2002 की शुरुआत में, उन्होंने मैक्कैन-एरिक्सन में कार्यकारी उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय क्रिएटिव डायरेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला था।
-इसके बाद साल 2006 तक, प्रसून जोशी दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के क्षेत्रीय क्रिएटिव डायरेक्टर बन चुके थे। दिसंबर 2006 में उन्हें मैक्कैन वर्ल्डग्रुप इंडिया के कार्यकारी अध्यक्ष और एशिया प्रशांत के क्षेत्रीय क्रिएटिव डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया था। उन्हें 11 अगस्त 2017 को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था।
भारतीय संस्कृति से रहा है गहरा जुड़ाव
प्रसून जोशी की खासियत ये रही है कि उन्होंने अपनी रचनाओं में भारतीयता को हमेशा केंद्र में रखा है। चाहे फिल्मी गीत हों या विज्ञापन, उनकी भाषा और सोच में देश की मिट्टी की खुशबू साफ महसूस होती है। उनकी इसी संवेदनशीलता और सांस्कृतिक समझ ने उन्हें न सिर्फ देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पहचान दिलाई है।
सरकार की ओर से मिली बड़ी जिम्मेदारी
इस नियुक्ति पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रसून जोशी को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि प्रसून जोशी एक दुर्लभ रचनात्मक प्रतिभा के धनी हैं, जिनकी पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है लेकिन जिनका दिल भारत के लिए धड़कता है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विश्वास जताया है कि प्रसून जोशी के नेतृत्व में प्रसार भारती को नई एनर्जी, स्पष्ट दिशा और रचनात्मक सोच का लाभ मिलेगा।
प्रसार भारती को मिलेगी नई दिशा
माना जा रहा है कि प्रसून जोशी के नेतृत्व में प्रसार भारती अपने कंटेंट और प्रस्तुति में नए प्रयोग कर सकता है। डिजिटल युग में बदलती दर्शक पसंद को ध्यान में रखते हुए उनके अनुभव और दृष्टिकोण से संस्था को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। उनकी नियुक्ति को भारतीय मीडिया जगत में एक सकारात्मक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।












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