बिहार में चीफ मिनिस्टर की भी जांच करेगा लोकायुक्त

विधानमंडल में सोमवार को वितरित विधेयक के अनुसार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति को सुरक्षा देने और उसका नाम गोपनीय रखने की जिम्मेदारी लोकायुक्त की होगी। ऐसा व्यक्ति यदि संरक्षण की मांग करे तो लोकायुक्त उसकी सुरक्षा का निर्देश सक्षम एजेंसियों को देगा। सरकारी विधेयक के अनुसार लोकायुक्त में एक अध्यक्ष होगा और इसके दो सदस्य होंगे। तीन में से कम से कम दो न्यायिक सदस्य होंगे।
लोकायुक्त के चयन के लिए एक पांच सदस्ईय समिति का प्रावधान किया गया है जिसके संयोजक विधान परिषद के सभापति होंगे। इस समिति में बिहार विधानसभा अध्यक्ष, हाईकोर्ट द्वारा नामित उच्च न्यायालय के दो वरिष्ठ न्यायाधीश और निवर्तमान लोकायुक्त सदस्य होंगे। यह पांच सदस्यीय समिति लोकपाल अध्यक्ष और अन्य दो सदस्यों की नियुक्ति करेगी। विधेयक 2011 में पूर्व के प्रारूप के कई विवादास्पद प्रावधानों को हटा दिया गया है।












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