चेन्नई: गैंग पकड़ा गया, आजाद हुए व्यापारी

खास बात है कि आपरेशन में दिल्ली पुलिस की कोई मदद नहीं ली गई। अभियान की अगुवाई कर रहे सीबीआई के संयुक्त निदेशक ओपी गेहरोत्रा ने बताया कि एजेंसी आम तौर पर अपहरण के मामले अपने हाथ में नहीं लेती, लेकिन यह एक संगीन अपराध है और ऐसे मामले सीबीआई के मैंडेट में शामिल हैं। गेहरोत्रा के मुताबिक, दिल्ली के दो अपराधी अब्दुल मुनाफ और संजीव रेड्डी उर्फ बंटी ने चेन्नई के दो धागा व्यापारियों एजी लेनिन और आनंदन को धंधे के बहाने दिल्ली बुलाया। दोनों व्यापारियों के 25 नवंबर को दिल्ली पहुंचते ही बंटी गिरोह ने उन्हें हवाई अड्डे से गाड़ी में बिठाया और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के मोहन गार्डन के एक मकान में बंद कर दिया।
बंटी और मुनाफ उसके बाद राकेश और यूसुफ नाम के दो और अपराधियों के साथ मिलकर इन व्यापारियों के परिवार से फिरौती मांगने लगे। मामला 25 लाख पर तय हुआ। शर्त यह थी कि राशि बैंक ट्रांसफर के जरिए भेजी जाए। इसके लिए बंटी ने व्यापारियों के परिजनों को कॉरपोरेशन बैंक का एक कंपनी का अकाउंट नंबर भी भेजा। वैसे, सीबीआई ने बैंक की ब्रांच और कंपनी का नाम बताने से इनकार कर दिया। जांच एजेंसी ने यह भी नहीं बताया है कि उसे इस बारे में शिकायत मिली थी या किसी ने एजेंसी से सीधा संपर्क किया था।












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