एफडीआई पर सभी दलों की बैठक बेनतीजा, पीएम से मिलेंगे प्रणव

रिटेल सेक्टर में विदेशी निवेश की मंजूरी मामले पर सरकार भी झुकने को तैयार नहीं है। जहां एक तरफ सभी विरोधी पार्टियां एकजुट हो गई हैं वहीं सरकार का कहना है कि इस बिल को वापस नहीं लिया जाएगा। सरकार और विपक्षी पार्टियों के हठ के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्रवाई का पहला हफ्ता हंगामे की भेंट चढ़ चुका है। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही कह दिया है कि जब तक सरकार किराना स्टोर में विदेशी निवेश को मंजूरी वाला बिल वापस ले तभी संसद की कार्रवाई चल पाएगी। वैसे इस बिल को मंजूरी देना राज्यों पर भी निर्भर करेगा।
अगर इस बिल के बारे में बात करें तो इसके तहत किराना स्टोर में विदेशी कंपनियां निवेश करेंगे। जिसके तहत रिटेल सेक्टर की बड़ी कंपनी वॉलमार्ट भारत में अपने स्टोर खोलेगी। जिसमें 51 फीसदी विदेशी निवेश होगा। यह स्टोर उसी शहर में खुलेंगे जिसकी आबादी 10 लाख से होगी। छोटे-छोटे किराना स्टोर चलाने वाले लोगों का कहना है कि इस बिल को मंजूरी मिल जाने के बाद वे बेरोजगार हो जाएंगे। वहीं सरकार की दलील है कि विदेशी निवेश से देश के भीतर लाखों बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।












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