कहां हैं बाबू सिंह कुशवाहा: विपक्ष

सभापति गणेश शंकर पाण्डेय ने सदस्यों को अपने-अपने स्थान पर जाने के लिए कहा लेकिन जब वे नहीं माने तो सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गयी। सदन की कार्यवाही 12 बजे दोबारा शुरू होते ही पूरा विपक्ष श्री कुशवाहा को सदन बुलाने की मांग का पोस्टर लहराते हुए सदन के बीच में आ गया और सरकार बर्खास्त करने की मांग करने लगा। सभापति ने सदस्यों को शांत करते हुए दो पूर्व सदस्यों भाजपा सदस्य राघवराम मिश्रा और कांग्रेस के राम विलास पाण्डेय के निधन पर शोक व्यक्त किया। शोक व्यक्त करने के बाद विपक्षी सदस्यों ने शोरशराबा किया जिसपर सदन की कार्यवाही 12.10 बजे से 12.20 बजे तक स्थगित कर दी।
एक बजे सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरु हुई विपक्षी सदस्य शोरशराबा करते हुए दुबारा सदन के बीचोबीच आ गये और श्री कुशवाहा के मामले पर चर्चा कराने की मांग करने लगे। शोरशराबे की बीच नेता सदन स्वामी प्रसाद मौर्य ने अगले वित्तीय वर्ष के चार महीने के लिये लेखानुदान पेश किया। सभापति ने बार.बार विपक्षी सदस्यों को शांत रहने का अनुरोध किया लेकिन शोरशराबे के बीच तीसरी बार करीब साढ़े 12 बजे सदन की कार्यवाही साढ़े तीन बजे तक स्थगित करनी पड़ी। मालूम हो कि मायावती सरकार में बेहद प्रभावशाली रहे बाबू सिंह कुशवाहा ने दो दिन पहले मुख्यमंत्री मायावती को एक पत्र लिखकर प्रदेश के एक वरिष्ठ मंत्री तथा दो नौकरशाहों से अपनी जान को खतरा बताया था। राज्य सरकार ने श्री कुशवाहा के आरोप को खारिज करते हुए उसे ड्रामा बताया था।












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