20 साल तक छत्तीसगढ़ में नहीं होगी बिजली कटौती

मालूम हो कि छत्तीसगढ़ का गठन आठ साल पहले हुआ था। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य अगले दो-तीन साल प्रत्येक वर्ष 3,000 मेगावाट क्षमता जोड़ेगा। सिंह ने कहा, 2012-13 में हम 3,000 मेगावाट बिजली जोड़ेंगे। कह सकते हैं कि हर साल 2,000 से 3,000 मेगावाट। 2016 तक राज्य 20,000 मेगावाट से अधिक बिजली क्षमता जोड़ेगा। राज्य के पास 50,000 मेगावाट उत्पादन की क्षमता है।
भाजपा शासित राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति बिजली की खपत विकास का प्रमुख संकेतक है। यहां पर छत्तीसगढ़ में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य में 2001 में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 600 यूनिट्स थी, जो अब 1,560 यूनिट्स पर पहुंच चुकी है। यह दिल्ली और गुजरात से भी बेहतर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का बिजली बोर्ड देश में किसी भी बिजली की कमी वाले क्षेत्रा में इसका परिवहन और बिक्री कर सकता है।












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