मुद्रास्फीति घटकर 10.63 % पर, प्रणव ने कहा अच्छा संकेत

पिछले साल इसी अवधि में खाद्य मुद्रास्फीति 11.41 फीसद पर थी। मुखर्जी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यदि खाद्य मुद्रास्फीति का यही रुख जारी रहता है, तो यह अच्छा संकेत है। खासकर खाने पीने की वस्तुओं के मोर्चे पर इस तरह का रुख जारी रहने पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट से हालांकि आम आदमी को राहत नहीं मिली है।
प्याज और गेहूं को छोड़कर अन्य सभी चिजों के दाम उंचाई पर बने हुए हैं। यहां आज जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सालाना आधार पर प्याज 22.89 प्रतिशत सस्ता हुआ, वहीं गेहूं की कीमतों में 3.63 प्रतिशत की कमी आई। समीक्षाधीन सप्ताह में अन्य सभी खाद्य वस्तुओं के दाम उंचे रहे। जहां सब्जियों के दाम 27.26 प्रतिशत अधिक थे, वहीं दालें 14.44 प्रतिशत, दूध 10.74 प्रतिशत, अंडा, मांस और मछली 11.73 फीसद महंगे थे।
सालाना आधार पर फलों के दाम भी 5.99 प्रतिशत अधिक थे। मोटा अनाज 3.53 फीसद उंचा था। इक्रा की अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, आगामी सप्ताह में मूल्यों में मामूली गिरावट देखने को मिलेगी। नवंबर, 2011 में खाद्य मुद्रास्फीति के घटकर एक अंक में आने की संभावना है। त्योहारी सीजन के बाद आमतौर पर मांग घटती है। दिसंबर में इसमें अच्छी कमी देखने को मिलेगी।












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