• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

तिहाड़ में कैदियों को मिली नौकरी का श्रेय किरण बेदी को

|

Kiran Bedi
दिल्ली(ब्यूरो)। तिहाड़ जेल का माहौल बिल्कुल बदल गया है। 80 कैदियों को बड़ी कंपनियों में नौकरी का आफर दिया है। इससे यहां रह रहे बाकी कैदियों को लगने लगा है कि पढ़ाई कितनी जरूरी है, वे भी पढ़ाई के जरिए जिंदगी संवारने पर विचार करने लगे हैं। बेशक आज जो कुछ बदलाव तिहाड़ में दिख रहा है उसका श्रेय किरण बेदी को ही है। उन्हीं के कार्यकाल में तिहाड़ को बदलने की शुरुआत हुई थी।

जेल प्रशासन और कॉरपोरेट कंपनियों की मदद से विभिन्न अपराधों में सजा काट रहे और विचाराधीन कैदियों को दिल खोलकर नौकरी दी गई। एक विचाराधीन कैदी को एक कंपनी ने 12 लाख सालाना का ऑफर दिया है। इसके अलावा एक महिला कैदी समेत तीन कैदियों को छह-छह लाख रुपये का पैकेज का ऑफर दिया गया है। कुल दस महिलाओं को नौकरी का मौका मिला है। तिहाड़ में तैनाती के समय सुधारात्मक क़दम उठाते हुए किरण बेदी ने अपनी एक अलग धाक बना ली थी।

जब किरण बेदी को 7,200 कैदियों वाली ‍तिहाड़ जेल की महानिरीक्षक बनाया गया तो उन्होंने वहाँ एक नया मिशन चलाया। इसके अंतर्गत उन्होंने कैदियों के प्रति 'सुधारात्मक रवैया' अपनाते हुए उन्हें योग, ध्यान, शिक्षा व संस्कारों का शिक्षा देकर जेलों में बंद कैदियों की जंदगी में सुधार लाने की एक नई हवा बहाई थी। यह बहुत कठिन लक्ष्य था किंतु दृढ़निश्चयी किरण बेदी ने तिहाड़ जेल का नक्शा बदलकर उसे तिहाड़ आश्रम बना दिया। इसके लिए किरण बेदी को आज भी जाना जाता है। उनके ही प्रयास का नतीजा है कि आज यहां से निकले कैदी बड़ी कंपनियों में नौकरी का आफर पा रहे हैं।

80 को नौकरी मिल गई। बाकी कैदियों को उनकी योग्यता अनुसार वेदांता फाउंडेशन ने नौकरी दिलाने का वादा किया है। एक कैदी को आज छोड़ दिया जाएगा उस 80 रुपये सलाना वेतन पर ड्राइवर की नौकरी मिली है। तिहाड़ जेल महानिदेशक नीरज कुमार ने कंपनियों को विश्वास दिलाया कि जेल से निकलने के बाद नौकरी करने के दौरान ये शिकायत का मौका नहीं देंगे। पहली बार कैंपस सेलेक्शन में महिला कैदियों ने भी भाग लिया।

द कैरियर कंसलटेंट के मैनेजिंग पार्टनर संजय राज सहगल ने बताया कि विचाराधीन कैदी गुलाब सिंह चौहान को 12 लाख पैकेज का ऑफर दिया गया है। गुलाब सिंह ने वर्ष-94 में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बीटेक किया है। गुलाब को वेदांता फाउंडेशन के माध्यम से जेल से छूटने के बाद आना होगा। इसके बाद ही कंपनी उसे रखेगी। एमबीए कैदी राजकुमार को छह लाख का पैकेज मिला है। कानपुर विश्वविद्यालय से आर्ट्स में स्नातक संदीप कुमार सिंह इग्नू से टूरिज्म मैनेजमेंट में मास्टर की डिग्री की पढ़ाई कर रहा है।

संदीप को डेवलपमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के चुना है और 50 हजार मासिक देने की बात कही है। कंपनी ने संदीप के अंग्रेजी बोलने और शारीरिक दक्षता से प्रभावित होकर नौकरी दी है। इसके अलावा एम.बालाजी को भी कंपनी ने बतौर मार्केटिंग मैनेजर के पद के लिए चुना है और 50 हजार रुपये मासिक देने का वादा किया है। उम्मीद करनी चाहिए जो उम्मीद किरण बेदी ने तिहाड़ में जगाई थी वह जलती रहे।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
80 inmates of Tihar jail were offered package by different companies, including 10 women, during a placement drive on the jail premises. This credit goes to Kiran Bedi, who started reforms in Tihar.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X