एटीएम मशीन तोड़कर 9 लाख की चोरी

घटना रात करीब साढ़े दस बजे के बाद की है और बैंक अधिकारियों को इस बारे में सुबह मार्केट के एक दुकानदार द्वारा फोन पर बताया गया। जानकारी मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा सहित पुलिस की फोरेन्सिक टीम भी मौके पर पहुंच गई। फिलहाल घटना को अंजाम देने वाले कितने आरोपी थे और वे किस वाहन पर आए और गए हैं, इस बात का कुछ पता नहीं चल पाया है। बैंक और पुलिस इस मामले को सुलझाने के लिए कैमरे को क्षतिग्रस्त न करने तक की फुटेज मदद लेगी।
एटीएम कैबिन में जब पुलिस ने जांच शुरू की तो उस वक्त कैबिन की छत से का एक हिस्सा जिसमें लाइट लगी थी, वह आरोपियों ने तोड़कर नीचे गिराई हुई थी। पुलिस ने बताया कि मशीन का पहला लॉक आरोपियों ने एक चाबी की मदद से बिना तोड़े ही खोल लिया। इसके बाद मशीन में जो लॉक लगा था, उसे आरोपी ने ईंट और लोहे की किसी रॉड की मदद से तोड़ा और मशीन के अलग-अलग शेल्फ में रखे 1000, 500 और 100 के नोट निकाल लिए।
बैंक अधिकारी प्रशांत ने बताया कि मशीन में कल दोपहर एटीएम मशीन में करीब पांच लाख रुपए डाले गए थे। इससे पहले मशीन में करीब पांच लाख रुपए थे। एटीएम के साथ लगे कंप्यूटर से पता चला है कि मशीन को तोड़कर पैसा निकालने से पहले उसमें 9 लाख 40 हजार 400 रुपए थे। उन्होंने बताया कि उनके बैंक के शहर के विभिन्न स्थानों पर 11 एटीएम लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि शहर के सभी एटीएम मशीन में पैसा डालने, सुरक्षा और सफाई व्यवस्था के लिए पिजन प्राइवेट कंपनी से कान्ट्रैक्ट किया हुआ है। एटीएम मशीनों की सभी कार्यप्रणाली को यही कंपनी के प्रतिनिधि देखते हैं।
खून की बूंदे बता सकती हैं आरोपी
पुलिस को मशीन के दो शेल्फ पर आरोपी की खून की चार बूंदे मिली हैं। फोरेन्सिक टीम ने इन खून की बूंदों को अपनी जंाच में प्रमुखता से शामिल किया है। टीम का कहना है कि इससे आरोपी का पता लगने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु सीसीटीवी फुटेज है। पुलिस का मानना है कि कैबिन में लगे कैमरे में आरोपी की फोटो कैबिन में आने और कैमरे को तोडऩे तक की जरूर होगी। इससे आरोपी को पहचाना जा सकता है। फिलहाल पुलिस इस फुटेज को कैमरे से निकलवाने के लिए कंप्यूटर इंजीनियर को बुलाया है।












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