दिल्ली में ब्लैक यूरो के नाम पर ठगी, 2 अफ्रीकी गिरफ्तार

जयप्रकाश ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दो विदेशियों ने 40 लाख देने की एवज में दस मिलियन यूरो देने के नाम पर उससे तीन लाख ठग लिए हैं। इसकी मुलाकात हॉकी मैच देखने के दौरान अंबेडकर स्टेडियम के पास हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। मो. हसन टूरिस्ट वीजा पर जून में भारत आया था और फर्जी मेडिकल कागजों के आधार पर वीजा बढ़वा लिया था। साइरेक नेपाल होकर टूरिस्ट वीजा पर भारत आया। साइरेक की मुलाकात हसन से आईआईटी, दिल्ली में फुटबाल ग्राउंड पर हुई थी। इसके बाद दोनों ने ठगने की ठानी।
जयप्रकाश से दोनों अंबेडकर स्टेडियम के पास मिले। 20 अक्तूबर को पहाड़गंज के एक होटल में हुई मीटिंग में इन्होंने कहा कि वह काफी संख्या में यूरो करेंसी लाए हैं। यूरो को भारतीय करेंसी में बदलकर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। ४० लाख देने पर दोनों ने जयप्रकाश को एक करोड़ यूरो देने की बात कही। यूरो को काले पाउडर से ब्लैक किया हुआ है। केमिकल से धोने पर काला पाउडर हट जाता है। होटल में उन्होंने जयप्रकाश को यूरो के बंडल से कुछ यूरो निकालकर देने को कहा। उन्होंने बाल्टी में केमिकल डालकर धोया तो यूरो सही निकले, मगर इन लोगों जालसाजी की।
ब्लैक यूरो को उन्होंने बाल्टी में रहने दिया जबकि असली 250 यूरो निकालकर जयप्रकाश को दे दिया। इन्होंने जयप्रकाश को इन यूरो को मनी एक्सचेंजर के यहां कैश करवाने को कहा। इन यूरो से जयप्रकाश को करीब 17 हजार रुपये मिले। इससे जयप्रकाश का दोनों पर भरोसा हो गया। इसके बाद दोनों ने जयप्रकाश को चाणक्यपुरी में बुलाया और केमिकल खरीदने के नाम पर तीन लाख ले लिए। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है तो वे पुलिस की शरण में पहुंच गए।












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