पेट्रोलियम पदार्थो के दाम घटाने से बढेगा सरकार पर बोझ: मनमोहन

manmohan singh
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पेट्रोलियम पदार्थो के दाम कम करने के लिये तेल कंपनियों को अधिक सब्सिडी देने से सरकारी बजट पर बोझ बढ़ेगा और आखिर में इससे मुद्रास्फीति की स्थिति और खराब होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं तो हमें या तो घरेलू बाजार में खुदरा कीमतें बढ़ानी होंगी या फिर तेल कंपनियों को बढ़ी कीमतों को पेट्रोलियम क्षेत्रों के दूसरे क्षेत्रों में मदद कम कर स्वयं वहन करने के लिये कहा जायेगा अथवा सरकार को बजट से तेल कंपनियों को अतिरिक्त सब्सिडी उपलब्ध करानी होगी।

मनमोहन ने दक्षेस सम्मेलन से लौटते हुये कल संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि और ज्यादा सब्सिडी देने से बजट की स्थिति और बिगड़ेगी और यदि बजट गड़बड़ाता है तो एक बार फिर से मुद्रास्फीति अपना सिर उठाने लगेगी। प्रधानमंत्री ने कहा मुद्रास्फीति जो आज हर व्यक्ति के लिये बड़ी चिंता बन चुकी है उसके पीछे की एक सबसे बड़ी वजह ईंधन उत्पादों के दाम में वृद्धि होना है।

उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कुल खपत का 75 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात के जरिये पूरा होता है और अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में दाम पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट से दी जाने वाली सब्सिडी राशि पहले ही 1,50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है और स्पष्ट तौर पर कहें तो यह स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती है।

उन्होंने कहा कि इसलिये मैं यह कहना चाहता हूं कि सभी देशवासियों को यह मानना चाहिये कि अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने पर एक निश्चित सीमा के बाद हमारा कोई नियंत्रण नहीं रह पाता है। उल्लेखनीय है कि तेल कंपनियों ने इस महीने की शुरुआत में ही पेट्रोल के दाम में 1.80 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने और डालर की तुलना में रुपये के कमजोर पड़ने से दाम बढ़ाने पड़े।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+