श्री श्री रविशंकर से कर्नाटक में मांगी गई थी रिश्वत

Spiritual guru Sri Sri Ravi Shankar
दिल्ली (ब्यूरो)। भ्रष्टाचारियों ने ऑट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर को भी बख्शा। रविवार को सिलीगुड़ी पहुंचे श्री श्री रविशंकर ने बताया कि कर्नाटक में उनसे भी एक काम के लिए रिश्वत मांगी गई थी। हालांकि उन्होंने रिश्वत दिया या नहीं पर इसपर वह मौन रहे पर भ्रष्टाचार के खिलाफ उन्होंने जमकर आग उगली। इसी कड़ी में आज वे भ्रष्टाचार के खिलाफ यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में भ्रष्टाचार का कैंसर अंतिम चरण में पहुंच गया है। गांव-गांव, शहर-शहर में हर व्यक्ति को प्रण करना होगा कि न घूस देंगे न लेंगे, तभी यह खत्म होगा। हर भारतीय को खासकर युवाओं को जागना होगा, तभी सशक्त लोकपाल बिल आ पाएगा।

रविशंकर ने कहा कि राजनीति में जब तक अच्छे और सेवा भाव से कार्य करने वाले लोग नहीं आएंगे, देश का विकास अवरुद्ध रहेगा। जब इस देश में मंत्री बनने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं तो हम भष्टाचार मुक्त समाज की कल्पना कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि परिर्वतन के लिए जनता को खुद फैसला करना होगा। जनता सेवा भाव से कार्य करने वाली पार्टी का चयन करे। राजनीति का अपराधीकरण नहीं हो। उन्होंने कहा कि जन लोकपाल की आवश्यकता है। उसमें कुछ कमियां हैं, उसे दूर कर सशक्त लोकपाल आने की उम्मीद है।

वहीं रविशंकर आज से यूपी में अपनी उपरोक्त सोच को लागू करवाने के लिए ही जनचेतना यात्रा शुरू होने करने जा रहे हैं। जो प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार मुक्त देश बनाने में अपना सहयोग करेगा। गौरतलब है कि यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मिली जानकारी के मुताबिक धर्म गुरू रविशंकर जौनपुर से अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे और आठ नवंबर की सुबह चंदौली में होंगे तो शाम को सोनभद्र में रहेंगे। अगले दिन यानी नौ नवंबर को मिर्जापुर जाएंगे।

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