दिल्ली: जल्द अमीर बनने के चक्कर में किया था मासूम का अपहरण

पुलिस के अनुसार पीड़ित हर्ष उर्फ नोनू (4) परिवार के साथ गली नंबर-7, अशोक नगर इलाके में रहता है। परिवार में पिता जोगिंदर, मां राजबाला, एक भाई और एक बहन हैं। हर्ष पास के एक पब्लिक स्कूल में एलकेजी का छात्र है। शुक्रवार शाम को अचानक खेलते समय घर के सामने से हर्ष गायब हो गया। परिजनों ने तलाश करने के बाद उसी दिन ज्योति नगर थाने में हर्ष की गुमशुदगी दर्ज करा दी। हर्ष के पिता ने अपने किराएदार विकास उर्फ विक्की पर बेटे को अगवा करने का शक जताया। पुलिस ने विकास से पूछताछ की तो वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने लगा।
इस बीच दिल्ली पुलिस को सूचना मिली कि यूपी बागपत इलाके के हमीराबाद गांव में एक बच्चा खेतों में बेहोश मिला है। गांव वालों ने उसे यूपी पुलिस की मदद से एक अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों के साथ दिल्ली पुलिस की एक टीम बागपत रवाना हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस को हर्ष ने बताया कि चाउमिन खिलाने के बहाने किराएदार विकास अंकल उसे घर से ले गए थे। बाद में उसे राजनगर गाजियाबाद निवासी मोनू को सौंप दिया था। मोनू उसे ट्रेन से बागपत ले गया। मोनू और हर्ष रेलवे स्टेशन पर थे। इस बीच गोकलपुरी निवासी सोनू का फोन आया, उसने बताया कि पुलिस बच्चे के लिए दबाव बना रही है। डर की वजह से मोनू हर्ष को अधमरी हालत में खेतों में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने सोनू, मोनू और विकास को बच्चे को अगवा करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है बागपत के हमीदाबाद गांव में शाम ऋतु, मोनी और शीतल नामक किशोरी अपने खेतों से लौट रही थी कि उन्होंने एक ट्यूबवेल के निकट बच्चे के रोने की आवाज सुनी। पास जाकर देखा तो करीब चार साल का मासूम वहां लेटा हुआ रो रहा था। उसके गले में रस्सी पड़ी थी, जिसके निशान उसके गले पर थे। बालक के मिलने की सूचना पर प्रधान पति मुकेश कुमार समेत सैकड़ों की भीड़ वहां लग गई। बच्चा साफ तो नहीं बोल पा रहा था, लेकिन उसने तुतलाई भाषा में बताया, जिससे पता चला कि वह दिल्ली के सीलमपुर इलाके का रहने वाला नोनू है। उसने अपने पिता का नाम जोगेंद्र, माता बाला, भाई चीनी और बहन का नाम खुशी बताया। उसने कहा वह विवेकानंद स्कूल में एलकेजी में पढ़ता है और उसे विक्की का दोस्त रेल में लेकर आया है।












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