डीआईजी फायर ने कहा- मायावती मेरी हत्‍या करवाना चाहती हैं

Mayawati
लखनऊ। मायावती सरकार के एक और जिम्मेदारी अधिकारी डीआईजी फायर ब्रिगेड ने माया सरकार पर भ्रष्‍टाचार पर आरोप जड़ दिया। मायावती कहीं उनकी हत्‍या न करवा दें इस डर से वो शुक्रवार की शाम ऑफिस से घर ही नहीं गये। मध्‍य रात्रि तक जब वो ऑफिस से नहीं हिले तो पुलिस ने उन्‍हें जबरन ऑफिस से निकाला और घर पहुंचाया।

डीआईजी फायर डीडी मिश्रा ने मीडिया से कहा कि प्रदेश सरकार व उनके करीबी अधिकारी पूरी तरह से भ्रष्ट हैं और इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उनकी जान को खतरा है। इन्दिरा भवन में अपने कार्यालय में देर रात तक बैठकर माया सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि विभाग में घोटाले हुए हैं जिसके लिए माया सरकार के कुछ अधिकारी जिम्मेदार है। कार्यालय में देर रात तक हंगामे के बाद डीजीआई लखनऊ डीके ठाकुर उन्हें मनाने पहुंचे और आईजी ने उन्हें मानसिक रोगी करार देते हुए चिकित्सालय ले जाने के निर्देश दिए।

डीजीआई फायर डीडी मिश्रा ने शुक्रवार की रात प्रदेश सरकार के होश उड़ा दिए। इन्दिरा भवन स्थित अपने कार्यालय में बैठे डीडी मिश्रा ने सरकार पर एक-एक बार कई आरोप जड़ दिए। उन्होंने कहा कि माया सरकार के कई अधिकारी भ्रष्ट हैं जो विभाग में हुए घोटाले की जिम्मेदार है। मिश्रा ने सचिव मुख्यमंत्री कुंवर फतेहबहादुर, मंत्री दद्दू मिश्रा व कई अन्य अधिकारी भ्रष्टाचार का बढ़ावा दे रहे हैं।

डीडी मिश्रा के कार्यालय में कुछ ही समय में मीडियाकर्मियों की भीड़ हो गयी जिसके बाद उन्होंने कहा कि उनकी जान को खतरा है तथा माया सरकार के कुछ आला अधिकारी उनकी हत्या करा देना चाहते हैं। मिश्रा के इस हंगामे व बयान की जानकारी जब प्रशासन को हुर्ई तो डीजीआई लखनऊ डीके ठाकुर अपने लाव लश्कर के साथ इन्दिरा भवन पहुंच गये और मिश्रा से बात करने का प्रयास करने लगे। काफी देर के बाद मिश्रा बात करने को राजी हुए।

ठाकुर व डीडी मिश्रा की आधे घंटे से अधिक देर तक चली वार्ता के बाद मामला शांत हुआ और मिश्रा को चिकित्सालय भेज दिया गया। कुछ ही देर में आईजी प्रदेश ने बयान दिया कि श्री मिश्रा की मानसिक हालत ठीक नहीं है। सूत्रों का कहना है कि मिश्रा व सरकार के बीच का विवाद वर्ष 2006 का जब माया सरकार के मंत्री दद्दू मिश्रा पर चित्रकूट में दो मामले दर्ज किए गये थे।

चित्रकूट के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डीडी मिश्रा ने मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद माया सरकार के आने पर मामले की जांच वर्तमान आईजी रेलवे एके जैन को मिला जिन्होंने वाफादारी निभाते हुए मंत्री दददू मिश्रा को निर्दोष करार देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी। तब से लगातार डीडी मिश्रा का उत्पीडऩ हो रहा है। मिश्रा ने इसी उत्पीडऩ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगा दिए।

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