बड़े इनकम टैक्स चोर होंगे बेनकाब

अब सरकार ने इसके लिए तमाम तैयारी कर ली है। आयकर विभाग ने दस करोड़ रुपये से ज्यादा के आयकर डिफॉल्टरों को यह सवाल उठाते हुए कारण बताओ नोटिस भेज दिया है कि उन्होंने लंबे समय से कर का भुगतान क्यों नहीं किया और ऐसी स्थिति में कर चोर के रूप में उनके नाम इंटरनेट या अखबार में प्रकाशित क्यों नहीं किया जाए।
आयकर विभाग ने यह चेतावनी भी दी है कि कार्रवाई के तहत कर चूककर्ताओं की संपत्ति भी जब्त की जा सकती है। विभाग ने सैकड़ों कर चोरों को नोटिस भेजे हैं। एक अनुमान के मुताबिक विभाग के इस कदम से एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के बकाया कर की रिकवरी हो सकती है। सूत्रों ने बताया कि नोटिस के जरिए करदाताओं से करोड़ों
रुपये की संपत्ति पर कुंडली मारकर बैठने और लंबे समय से इसके कर भुगतान नहीं करने की ठोस वजह जानने की कोशिश की गई है। वहीं उनसे यह भी पूछा गया है कि इस अनियमितता की वजह से उनकी संपत्ति क्यों नहीं जब्त कर ली जाए। करदाताओं को 15 नवंबर तक इसका जवाब भेजना अनिवार्य होगा। इसके बाद आयकर विभाग जवाबों की समीक्षा करेगा। अगर जवाब संतोषजनक नहीं लगे तो अगली कार्रवाई के रूप में इनके नाम अखबार में प्रकाशित कर या इंटरनेट साइट के माध्यम से सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।
इस कार्रवाई को और तेज करने के लिए विभाग ने एक स्पेशल सेल भी तैयार किया है जो देश भर में कर चोरों का पता लगाने में मदद करेगा। मालूम हो कि इस वर्ष जून में सीबीडीटी ने एक समिति का गठन किया था। यह समिति करदाता के नहीं मिलने और वसूली के लिए अपर्याप्त संपत्ति होने पर कर की उगाही की संभावना तलाशने के लिए बनाई गई थी।












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