तकनीक के विषय में कमजोर होती हैं लड़कियां, शोध

शोध के अनुसार दूसरे विषयों की तरह तकनीक के विषय में लड़कियों की रूचि नहीं होती लेकिन काम के लिए जरूरत होने पर वह पुरूषों की तरह ही इनमें कुशलता हांसिल कर सकती हैं। लोवा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि छात्राएं पुरूष छात्रों की तुलना में तकनीक विषय की परीक्षाओं में अच्छे अंक नहीं ला पातीं।
लेकिन उनके खराब प्रदर्शन का उनकी बुद्धिमता से कुछ लेना देना नहीं है और इसका प्रभाव उनकी नौकरी पर भी नहीं पड़ता। डेली मेल की खबर के अनुसार शोधकर्ताओं ने कहा कि युवा लड़कियों की इस विषय में रूचि नहीं होती लेकिन नौकरी के लिए जरूरी होने पर वह इसमें कुशलता हासिल कर सकती हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार कार्यस्थल पर प्रदर्शन पूरी तरह बुद्धिमता पर निर्भर करता है, बुद्धिमान लोग किसी भी नौकरी में अच्छा करते हैं क्योंकि उनमें कार्यस्थल की जरूरतों को समझने का कौशल होता है।
अध्ययनकर्ता प्रोफेसर फ्रैंक श्मिट ने कहा, विशेष योग्यता परीक्षाओं द्वारा मापे गए कारक नौकरी में अच्छा प्रदर्शन देने में कोई योगदान नहीं करते। श्मिट ने बताया कि वह जानना चाहते थे कि लड़कियों को तकनीक की योग्यता परीक्षाओं में कम अंक क्यों आते हैं। दरअसल इसके पीछे रूचि अहम कारण है, लड़कियों की इसमें रूचि नहीं होती। श्मिट ने कहा कि इस समस्या का कोई उपाय नहीं है। शोध बताता है कि लोगों की रूचियां बदलना बहुत ही मुश्किल काम है। लोगों की रूचियां स्थिर होती हैं और इनका निर्माण जीवन के शुरूआती वर्षो में ही हो जाता है।












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