फुकुशिमा हादसे के डर से पिछड़ सकता है भारत: रूसी विशेषज्ञ

सरकार संचालित आरआईए नोवोस्ती द्वारा जारी एक कमेंटी में कोनस्तानिन बोगदानोव ने लिखा है कि फुकुशिमा हादसे के बाद लोगों के डर और क्षेत्रीय राजनेताओं द्वारा इसे नारेबाजी से भड़काने के कारण उर्जा उत्पादन विकास प्रभावित हो सकता है और भारतीय अर्थव्यवस्था चीन पर महत्वपूर्ण बढ़त बनाने से वंचित हो सकती है।
रूसी सहायता से दो वीवीईआर.1000 रिएक्टरों के साथ बनाया जा रहा कुडनकुनलम उर्जा संयंत्रा अपनी शुरुआत के अंतिम चरण में है। स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शन के चलते इसके लिए दिक्कत खड़ी हो गई है। बोगदानोव ने रेखांकित किया कि आधुनिक परमाणु उद्योग को खारिज किए जाने के कारण समूचे भारत के लिए उर्जा उद्योग का विकास प्रभावित होने से अर्थव्यवस्था में व्यापक असामनता जैसे दूरगामी परिणाम हो सकते है।
उन्होंने कहा कि विश्व के परमाणु निगम मूल्यवान ग्राहक खो देंगे। क्या अन्य देश के पास कई दर्जन उर्जा इकाई निर्माण के लिए पर्याप्त कोष होगा ? लेकिन भारत के हितों को जबर्दस्त झटका लगेगा। विशेषज्ञ ने उल्लेख किया कि आधुनिक उर्जा उत्पादन के बिना औद्योगिक विकास में भारत का आगे निकलना असंभव होगा खासकर उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्र में। वह भी दक्षिण एशिया में प्रभाव के लिए चीन के साथ बढ़ती प्रतिद्वंद्विता के बीच।












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