राजनीतिक अर्थशास्त्र पर चर्चा करने जुटेंगे विद्वान

यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. केसी भारद्वाज ने पत्रकार वार्ता में दी। डा. भारद्वाज ने कहा कि कांफ्रेंस के माध्यम से चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय का अर्थशास्त्र विभाग देश भर से आए हुए बुद्धिजीवियों को एक मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय कांफ्रेस में लगभग 300 प्रतिभागी भाग लेंगे।
डा. भारद्वाज ने कहा कि आई.पी.ई.ए. द्वारा प्रतिवर्ष देश के किसी न किसी भाग में इस राष्ट्रीय स्तर की कांफ्रेस का आयोजन करवाया जाता है। हरियाणा में आई.पी.ई.ए की कांफ्रेस दूसरी बार चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित करवाई जा रही है। इससे पहले एक कांफ्रेस का आयोजन कुरूक्षेत्र में हुआ था। विश्वविद्यालय का अर्थशास्त्र विभाग इस आयोजन के लिए बधाई का पात्र है। इस प्रकार की कांफ्रेंसों से शोध के क्षेत्र में नवीन तकनीकें विकसित होती हैं और हमे पता चलता है कि पूरे भारत में शोध से संबंधित किस प्रकार की गतिविधियां चल रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस से विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी और शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे। विश्वविद्यालय का यह प्रयास रहेगा कि सभी विभागों द्वारा इस प्रकार के कांफ्रेस और सेमिनार आयोजित होते रहे। किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान वहां चल रही शोध गतिविधियों से ही बनती है और शोध गतिविधियों को गति प्रदान करने में इस प्रकार के कांफ्रेंस रीढ़ की हड्डी का कार्य करती है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव व सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिद्गठाता डा. मनोज सिवाच ने राष्ट्रीय कांफ्रेंस के थीमस के बारे में बताते हुए कहा कि कांफ्रेंस में भ्रष्टाचार, कालाधन, संविधान, महंगाई, भूमि अधिग्रहण, वन स पदा, गिरते भूजल स्तर प्राकृतिक संसाधनों, विकास प्रक्रिया, पर्यावरण संबंधी विषयों सहित उदारीकरण व ग्लोबलाइजेशन के ऊपर 6 तकनीकी स्तरों में विस्तारपूर्वक आत्ममंथन होगा। डा. सिवाच ने कहा कि विश्वविद्यालय का अर्थशास्त्र विभाग एक अग्रणी विभाग है और यहां पर पीएचडी, एम.फिल और एम.ए. अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम के साथ-साथ 10+2 के बाद 5 वर्षीय एम.एस.सी अर्थशास्त्र ऑनर्स का पाठ्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
पत्रकारों द्वारा विद्यार्थियों की प्लेसमेंट के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में डा. सिवाच ने कहा कि पिछले सप्ताह एच.पी.एस.सी द्वारा चयनित महाविद्यालय प्रवक्ताओं ने इस विभाग चार विद्यार्थियों का चयन हुआ है। जिनमें दो एम.फिल स्कॉलर रहे है तथा दो वर्तमान में विभाग में पी.एच.डी. कर रहे है। इसके अतिरिक्त एक विद्यार्थी का नेशनल सै पल सर्वे आर्गेनाइजेशन में बतौर अधिकारी नियुक्ति हो चुकी है। इसके अतिरिक्त भी यहां से पासआउट विद्यार्थी बैंकिंग व बीमा क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे है। इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डा. अभय गोदारा, प्रो. असीम मिगलानी, जनसंपर्क निदेशक डा. दिलबाग सिंह, जनसंपर्क अधिकारी अमित सांगवान, अशोक भाटिया व रवींद्र आदि उपस्थित थे।












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