सरकार के आदेश पर सीबीआई ने कनिमोझी के खिलाफ कुछ नहीं कहा!
सोमवार को दिल्ली की पटियाला कोर्ट में 2जी घोटाले में घूस खाने की आरोपी कनिमोझी की जमानत याचिका पर सुनवाई तो की लेकिन फैसला आज नहीं सुनाया हालांकि कनिमोझी के लिए राहत की बात यह रही कि सीबीआई की ओर से कनिमोझी की जमानत अर्जी का विरोध नहीं किया गया है। इसलिए सबको उम्मीद जगी थी कि शायद कनिमोझी को जमानत आज मिल जाये लेकिन कोर्ट ने आज फैसला नहीं सुनाया। अब फैसला तीन नंवबर को आयेगा। कानून विशेषज्ञों की माने तो कनिमोझी की जमानत आसानी से हो जायेगी।
लेकिन सोचने वाली बात यह है कि सीबीआई ने कनिमोझी की जमानत अर्जी का विरोध क्यों नहीं किया? जरा गौर फरमाइये, शनिवार को पिछले सात महीने से बंद 2जी घोटालों के आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने आरोप तय किये। पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को मुख्य आरोपी बनाया गया जिन पर संगीन धाराएं लगायी गयी हैं जबकि कनिमोझी पर जो धाराएं लगीं वो मामूली हैं, जिन पर जमानत आसानी से हो सकती है या आरोप सिद्ध होने पर उन्हें ज्यादा से ज्यादा पांच साल तक की सजा हो सकती है।
उसके बाद कनिमोझी के पिता करूणानिधि की मुलाकात यूपीए सुप्रीमो सोनिया गांधी से होती है। और आज कनिमोझी की बेल याचिका के खिलाफ सीबीआई चुप रहती हैं, ये बातें बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या सीबीआई पर लगने वाले आरोप सही है कि वो सरकार के इशारे पर काम करती हैं। आज एकदम से लोगों को शक ना हो इसलिए आज कनिमोझी को बेल नहीं दी गयी।
खैर क्या सही है और क्या गलत यह तो आने वाले तीन नंवबर को पता चल जायेगा लेकिन इतना तय है कि एक बार फिर से सीबीआई सवालों के घेरे में हैं। आपको बता दें कि 22 अक्टूबर को अदालत ने ए राजा और कनिमोझी समेत सभी 17 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए थे। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और 120 बी के तहत आरोप किए गए हैं। जो आरोप ए राजा पर लगे हैं उनमें तो जमानत मुश्किल है लेकिन कनिमोझी के ऊपर लगी धाराओं से उम्मीद है कि उनकी जमानत हो सकती है।













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