'किरण बेदी भ्रष्ट कहने वाले अपने दिमाग का इलाज करायें'

ये सब सरकार की राजनीति का हिस्सा है। अरे सोचने वाली बात है कि अगर किरण बेदी को पैसे से मोह होता तो वह तब रातों-रात करोड़पति हो सकती थीं जब वो आईपीएस थीं। लेकिन एक स्वस्थ ईमानदार छवि की मालकिन, जो कि आज काफी लोगों की प्रेरणाश्रोत हैं, उन पर पैसे खाने का आरोप लग रहा है जिसका कोई आधार नहीं है।
मात्र चंद हजार रूपये के लिए मिसेज बेदी ये काम करेगीं, इस बात को कहने वाले या तो मानसिक रूप से बीमार है या उनके पास दिमाग नाम की चीज नहीं हैं। अन्ना और अन्ना की छोटी टीम ने भ्रष्ट तंत्र की पोल खोल दी है, जिससे घबराये लोग अन्ना और अन्ना टीम की आलोचना कर रहे है। सोचने वाली बात है कि किरण बेदी के खिलाफ जो चीजें प्रस्तुत की गयी है वो आज ही क्यों लोगों के सामने आयी हैं, उन्हें पहले क्यों नहीं सामने लाया गया। ये सब कुछ किरण बेदी की छवि बिगाड़ने के लिए किया जा रहा लेकिन इतना हम बता दें कि जो लोग इस काम को कर रहे हैं, वो कभी भी अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो पायेगें।
गौरतलब है कि इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक उनके ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। साल 1979 में देश के सम्मान वीरता पुरस्कार से सम्मानित की जा चुकी किरण बेदी को तब से ही एयर इंडिया की ओर से इकोनॉमी क्लास के किराए में 75 फीसदी की छूट मिलती है। लेकिन उनके ऊपर आरोप लगा है कि किरण बेदी किसी भी एनजीओ कार्यक्रम और सेमिनार में शामिल होने के लिए जाती हैं तो वहां के आयोजकों और कार्यक्रम वालों से पूरे वैसे वसूलती है। उनके ऊपर ये भी आरोप लगा है कि वो इकोनॉमी क्लास में सफर करके वह आयोजकों से बिजनेस क्लास का किराया मांगती हैं। जिसके जवाब में किरण बेदी ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।












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