अब सिमरन बतायेगी ट्रेन की लोकेशन

रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने कल राजधानी दिल्ली में आधिकारिक तौर पर इस परियोजना की शुरूआत की। प्रयोग के तौर पर अभी इसे 12 महत्वपूर्ण ट्रेन में लगाया गया है और गृह मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद अगले छह महीने में देश की लगभग सभी ट्रेन में इसे स्थापित कर दिया जाएगा। आईआईटी के निदेशक प्रो संजय गोविंद धांडे ने बताया कि रेलवे ने सुरक्षा कारणों से इस परियोजना को सभी ट्रेन में लगाने से पहले गृह मंत्रालय से अनुमति मांगी है।
हालांकि धांडे के अनुसार इससे रेलवे की सुरक्षा को कोई खतरा होने की गुंजाइश न के बराबर है। इस प्रणाली के अन्तर्गत ट्रेन में एक जीपीआरएस उपकरण लगाया जाएगा जो रेलवे के मास्टर सर्वर से जुड़ेगा। हर स्टेशन पर डिस्पले बोर्ड से टेन की ताजा स्थिति का पता चलता रहेगा। लोगों को घर बैठे इन्टरनेट से मालूम हो सकेगा कि कौन सी ट्रेन इस समय कहां है। मोबाइल फोन पर एसएमएस से भी यह जानकारी मिल सकेगी। धांडे ने बताया कि वर्ष 2005 में रेल सुरक्षा प्रौद्योगिकी मिशन के तहत आरडीएसओ (रेलवे डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आग्रनाइजेशन) लखनऊ के सहयोग से संस्थान को रेलवे की 12 परियोजनायें मिली थीं, जिनमें से एक सिमरन भी थी। यह प्रोजेक्ट वर्ष 2010 में पूरा हुआ।












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