विक्टोरिया के सिक्के खरीदे, पर संभल कर

असली चांदी के सिक्कों के बारे में जौहरी कहते हैं कि असली चांदी के पुराने सिक्के धुंधले दिखते हैं। इनकी आवाज खनकदार और चारो ओर की किनारी धिसी हुई होती है। इनमें चमक ज्यादा नहीं होती है। अक्षर बहुत छोटे हैं लेकिन चित्र बिल्कुल स्पष्ट हैं। किंग जार्ज के समय के सिक्कों की खरीदारी करते समय देख लें कि किंग जार्ज के चेहरे का फोटो और उसके चारो ओर जीईओआरजीईवी-ईएमपीईआरओआर लिखा है। इसके दूसरी ओर वन रूपी इंडिया 1919 लिखा है। क्योंकि किंग जार्ज के जमाने के नकली सिक्कों से बाजार पटा पड़ा है। इसी तरह महारानी विक्टोरिया के जमाने के सिक्कों पर महारानी विक्टोरिया के चित्र के चारो ओर वीआईसीटीओआरआईए-ईएमपीआरईएसएस लिखा है।
इसके दूसरी ओर वन रूपी 1901 लिखा है। महारानी विक्टोरिया के जमाने के कुछ सिक्कों पर महारानी विक्टोरिया के चित्र के चारो ओर वीआईसीटीओआरआईए-ईएमपीआरईएसएस लिखा है। इसके दूसरी ओर वन रूपी 1901 व उर्दू में एक रुपये लिखा है। चांदी के पुराने सिक्कों की पहचान जानकार आदमी ही कर सकता है,अन्यथा असली के फेर में नकली लेकर आते हैं। चांदी के पुराने सिक्के महंगे हो गये हैं।












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