दिवाली पर थी दिल्ली में बारूद से बर्बादी की साजिश

पूर्व में हुए आतंकी हमलों पर नजर डालें तो दिवाली 26 अक्टूबर को है और यह तारीख आतंकियों की पंसदीदा तारीख है। आतंकी धमाके जैसे वारदातों को अंजाम देने के लिये ज्यादातर 13 या फिर 26 तारिख ही चुनते है। 13 को विस्फोटक का बरामद होना इस तरफ इशारा करता है कि आतंकी 26 को धमाके की फिराक में थे। खैर इसके बाद पूरे देश में हाई अलर्ट कर दिया गया है। मगर अब यह बात जानने की जरुरत है कि जो विस्फोटक बरामद हुआ वह किस प्रकार का था और अगर विस्फोट होता तो क्या होता?
किसी भी शहर को शमसान में तब्दील कर सकता था बरामद बारुद
आतंकियों ने बारुद से बर्बादी की जो साजिश रची थी अगर वह कामयाब हो जाती तो भारी तबाही होती क्योंकि बरामद विस्फोटक हाई डेसिटी के थे। 5 किलो बारुद, एक टाइमर और 4 डेटोनेटर बरामद होना यह साफ जाहिर करता है कि साजिश एक बड़े धमाके की थी। जानकारों की मानें तो बरामद 4 डेटोनेटर में तीन लॉग साइज के हैं और एक मीडियम साइज का था। फिलहाल बारुद को लेकर अभी यह साफ नहीं हो सका है कि यह आरडीएक्स था या कुछ और मगर इतना जरुर कहा जा सकता है कि बर्बादी की यह सामाग्री किसी भी शहर को शमसान मे तब्दील करने के लिये प्रयाप्त थीं।
कार से जो टाइमर बरामद किया गया है वह भी एक हाई क्वालिटी का था। इस टाइमर में 194 दिनों तक का समय फिक्स किया जा सकता है। पुलिस ने कार से एक मिठाई का डब्बा और दो अखबार भी बरामद किया है। सूत्रों की मानें तो यह विस्फोटक नेपाल के रास्ते भारत में लाये गये थे। सूत्रों का यह भी कहना है कि इसे पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भेजा था और तीन लोग विस्फोटक को अंबाला तक लेकर आए थे।












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