अन्ना अभियान से फायदे में बीजेपी

हमारे देश में इस समय 2 ही पार्टियां राष्ट्रीय स्तर पर खड़ी हो पाई हैं। पहली है कांग्रेस और दूसरी है भारतीय जनता पार्टी। जिस वजह से हर चुनाव में ये दोनों पार्टियां ही आमने सामने होती हैं। ऐसे में एक पार्टी को अन्ना हजारे के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। वह पार्टी है कांग्रेस। इसका मतलब है कि अगर कांग्रेस को नुकसान हुआ तो इसक सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को पहुंचेगा। इस समय हरियाणा में उपचुनाव हो रहे हैं। अन्ना हजारे ने अपनी मुहिम यहीं से शुरू कर दी है। उन्होंने वोटरों से अपील की है कि वे कांग्रेस का साथ न दें।
अगले साल 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की बात की जाए तो ये चुनाव मणिपुर, गुजरात, उत्तरखंड, गोवा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में होंगे। इन पाचों राज्यों में चुनावी समीकरण की बात की जाए तो उत्तर प्रदेश को छोड़ दिया जाए तो जंग बीजेपी और कांग्रेस के बीच है। इस समय मणिपुर में कांग्रेस की सरकार, गुजरात में बीजेपी, गोवा में कांग्रेस, पंजाब में बीजेपी और अकाली दल के गठबंधन की सरकार और उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार है। उत्तर प्रदेश में बहुजन समाजवादी पार्टी की सरकार है और इस राज्य में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही वापसी के लिए संघर्ष कर रही हैं।
अन्ना ऐलान कर चुके हैं कि वे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इन सभी 5 राज्यों का दौरा करेंगे। यहां पहुंचकर वे भ्रष्टाचार का साथ देने वाली कांग्रेस के खिलाफ एक तरह अभियान चलाएंगे। इन विधानसभा में जीत लहराने वाली पार्टी की जीत का रास्ता 2014 में होने वाले लोकसभा में तय होगा। 2004 के बाद केंद्र की राजनीति में वापसी के लिए संघर्ष कर रही बीजेपी के लिए यह सुनहरा मौका साबित हो सकता है। अगर अन्ना हजारे का यह कांग्रेस की खिलाफत वाला मिशन कामयाब रहा तो शायद बीजपी लगभग एक दशक बाद केंद्र की राजीनीति की सत्ता में वापस आने का सुख भोग सके।












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