32 रूपये वाली बात तो राहुल को भी हजम नहीं हुई

जो खबरें मीडिया में आ रही है उसके मुताबिक योजना आयोग इस बारे में फिर से मसौदा तैयार करेगा और उसे कोर्ट भेजेगा। राहुल से पहले भी कई केंद्रीय मंत्रियो जयराम रमेश और अंबिका सोनी ने योजना आयोग की इस बेतुकी सिफारिश पर सवाल उठाए थे।
लेकिन तब योजना आयोग ने इसे सुधारने की कोशिश नहीं की थी लेकिन राहुल के जवाब-तलब करने पर वो फिर से इस प्रस्ताव पर पुनर्विंचार करने का मन बनाया है। गौरतलब है कि योजना आयोग की सिफारिश के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में एक दिन में 32 रूपए और गांवों में 26 रूपए खर्च करने वाला शख्स गरीब रेखा से नीचे की श्रेणी में नहीं आता है।












Click it and Unblock the Notifications