अब प्याज देगी आपके आंखों में आंसू

सूत्रों ने बताया कि सियासत में प्याज ने कईयों को सत्ता से बेदखल कर दिया है इस कारण सरकार दोहरे दबाव का सामना कर रही है। एक तरफ जहां प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए निर्यात पर रोक के सरकार के फैसले से प्याज उत्पादक महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन भड़क गया था वहीं राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्र पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया था।
प्याज संकट से निपटने के लिए खुद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को आगे किया गया। राज्य के राजनीतिक दलों और किसान प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद मुखर्जी की अध्यक्षता वाले ईजीओएम ने नौ सितंबर को लिए गए अपने फैसले को मंगलवार को बदल दिया। सरकार के इस फैसले से प्याज के मूल्य में तेजी की आशंका है। हालांकि, ईजीओएम ने अपने फैसले में निर्यात होने वाली प्याज का न्यूनतम मूल्य 475 डॉलर प्रति टन निर्धारित किया है। क्यों आएगी दामों में तेजी निर्यात पाबंदी हटाने के फैसले के बाद इसके दामों में कई वजहों से तेजी आ सकती है।












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