मुलायम के बाद मायावती में जगा मुस्लिम प्रेम

मायावती ने इस सबन्ध में प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि मुस्लिमों की आबादी के अनुपात में आरक्षण की व्यवस्था की खातिर यदि जरूरी हो तो संविधान में संशोधन भी किया जाये। उन्होंने कहा कि इसके लिए केन्द्र को संपूर्ण सहयोग देंगी। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों की स्थिति में यदि परिवर्तन लाना है तो उन्हें शिक्षा, सेवायोजन तथा जीवन के अन्य सभी क्षेत्रों में आगे बढऩे के लिए अवसरों में वृद्धि सुलभ कराया जाना जरूरी है।
संविधान का हवाला देते हुए मायावती ने कहा कि भारतीय संविधान में सभी धमों के लोगों के लिए जीवन में आगे बढऩे की खातिर अवसरों की नींव रखी गयी है लेकिन मुस्लिम समुदाय अभी तक पिछड़ा हुआ है। मायावती ने कहा कि इसका उल्लेख सच्चर कमेटी की रिपोर्ट में भी किया गया है। उन्होंने कहा कि अल्पसंयकों के कल्याण के लिए सच्चर कमेटी द्वारा उनके उत्थान की खातिर कई सुझाव दिये गये हैं, जिनमें शिक्षा के अवसरों को बढावा देना, आर्थिक कार्यकलापों और रोजगार में समुचित हिस्सेदारी, जीवनस्तर की दशा में सुधार करना करना शामिल है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि जल्द से जल्द वह इस दिशा में सार्थक कदम उठायें, जिससे मुसलमानों को उनका हक मिल सके।












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