'मोदी लोमड़ी हैं, कांग्रेस बंदर, उपवास से करेगें लोगों का शिकार'

कुछ ने लिखा है कि आज जनतंत्र की परिभाषा बदल दी है, कुछ ने मोदी और कांग्रेस के अनशन को कुछ यू बयां किया है लोमड़ी ने जैसे ही जंगल में सद्भभावना बनाए रखने के लिए उपवास करने का ऐलान किया। उसके पीछे दूसरे तमाम तरह के धूर्त जानवरों ने भी उपवास पर बैठने की घोषणा कर दी। बंदर चलाक था उसने जंगल के भोले भाले जानवरों तक बात फैला दी कि जब भूखी लोमड़ी उपवास से उठेगी तो तुम्हीं लोगों का शिकार करेगी । जिस पर प्रतिक्रिया आयी कि जंगल में लोमडी की औकात क्या होती है सब जानते हैं..जंगल का कानून है कि यहां शिकार सिर्फ शेर करते हैं.. बाकी सब शिकार बनने के लिए होते हैं.. यहां भी यही होने वाला है..
इन विचारों से आप समझ सकते हैं कि जनता के दिलो-दिमाग पर आज राजनेताओं के भाषणों और उपवासों का क्या असर होता है। वो अच्छी तरह से समझते हैं कि हमारे नेतागण जनता को ही बेवकूफ बना रहे हैं जबकि वो जनता के ही सहारे सत्तासीन होते हैं। आपको बता दें कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार से तीन दिन के उपवास पर बैठने वाले हैं। मोदी की इस मुहिम के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी जुड़ गए हैं। कांग्रेस ने जहां इसे मोदी का नाटक बताया है वहीं उसने ये भी कहा है कि गुजरात में वो उपवास के दौरान प्रदर्शन करेगी। देखना दिलचस्प होगा कि लोमड़ी और बंदर की लड़ाई में कौन जीतता है?












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