गुजरात के लिए 3 दिन का उपवास करेंगे नरेंद्र मोदी

मोदी ने जनता को अपना पत्र गोधरा कांड पर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्णय के बाद लिखा। हम आपको बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों के अभाव में मोदी को गोधरा दंगे व ट्रेन जलाये जाने के मामले पर राहत दे दी। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने की खबर सुनते ही नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर 'गॉड इज ग्रेट' ट्वीट किया। दूसरी ओर कांग्रेस समेत कई विरोधी दलों ने मोदी पर जमकर वार किये।
विरोधी पार्टियों का कहना है कि नरेंद्र मोदी इस गफलत में ना रहें कि उन्हें पूरी तरह राहत मिल गई है या वो पूरी तरह निर्दोष साबित हो गये हैं। पत्र में नरेंद्र मोदी ने लिखा, "राजनीति के समीक्षक सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को अपने-अपने हिसाब से देख रहे हैं और उसकी समीक्षा कर रहे हैं। उनके लिए निर्णय का अलग मतलब है और विधि विशेषज्ञों का अलग। कोई इसे मेरी जीत बता रहा है तो कोई हार। सभी का अपना नज़रिया है। सबसे खास बात यह है कि 2002 में गुजरात दंगों के बाद लोगों ने मेरे और गुजरात सरकार पर तमाम आरोप लगाये। मुझे और मेरी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई। ये वो लोग हैं जो गुजरात में छोटा सा भी विकास बर्दाश्त नहीं कर सकते।"
मोदी ने पत्र में आगे लिखा, "यह कहना तो मुश्किल है कि आगे ये लोग आरोपों का दौर जारी रखेंगे या नहीं, लेकिन यह बात तो सिद्ध हो गई कि जो लोग गुजरात को बदनाम करना चाहते हैं, वो नीचे आ गये हैं। देश के लोग अब ज्यादा समय तक उनका विश्वास नहीं करेंगे। 2002 के बाद से गुजरात में अमन, शांति और भाईचारे के लिए कोई मुहिम नहीं चली। लेकिन छह करोड़ गुजरातियों के पास शब्द नहीं हैं, उनके पास एक होने का मंत्र है। द्वेश को द्वेश से खत्म नहीं किया जा सकता, लिहाजा शांति और सौहार्द के लिए मैं सद्भावना मिशन शुरू करने जा रहा हूं, जिसकी शुरुआत 17 सितम्बर से मेरे तीन दिवसीय उपवास से होगी।" (नरेंद्र मोदी का पत्र)।












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